मध्य प्रदेश में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर नहीं होगी नौकरी

मध्य प्रदेश में अब फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी हासिल करने वालों की खैर नहीं है। आयुक्त दिव्यांगजन, मप्र शासन ने सभी विभाग प्रमुखों को इस मामले में आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी भर्ती से पहले दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की अच्छे से जांच की जाएगी, ताकि फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी लेने वालों पर रोक लगाई जा सके।

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।
मध्य प्रदेश में अब फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी हासिल करने वालों की खैर नहीं है। आयुक्त दिव्यांगजन, मप्र शासन ने सभी विभाग प्रमुखों को इस मामले में आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी भर्ती से पहले दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की अच्छे से जांच की जाएगी, ताकि फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी लेने वालों पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह कदम वास्तविक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर रोक

आयुक्त दिव्यांगजन, मप्र शासन ने सभी विभाग प्रमुखों को इस मामले में आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी भर्ती से पहले दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की अच्छे से जांच की जाएगी।

इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह कदम वास्तविक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत फर्जी तरीके से दिव्यांग प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल कर नौकरी या कोई लाभ लेने पर दो साल तक की सजा हो सकती है।

इसलिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे प्रमाण-पत्रों की बारीकी से जांच करें और संदिग्ध मामलों को प्राथमिकता के साथ देखा जाए।

नौकरी पाने वालों की जांच

नई भर्तियों में शामिल होने से पहले दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले हो चुकी भर्तियों में भी अगर फर्जी प्रमाण-पत्र को लेकर कोई शिकायत मिलती है तो उनकी जांच की जाएगी। दिव्यांगजन अधिकार के लिए यह कदम उठाया गया है।

  • फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर रोक लगाई जाएगी।
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • नौकरी पाने वालों की जांच की जाएगी।

वास्तविक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा

यह कदम वास्तविक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर रोक लगाने से वास्तविक दिव्यांगजनों को नौकरी पाने में मदद मिलेगी। मध्य प्रदेश नौकरी के लिए यह कदम उठाया गया है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।