मध्य प्रदेश में अब फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी हासिल करने वालों की खैर नहीं है। आयुक्त दिव्यांगजन, मप्र शासन ने सभी विभाग प्रमुखों को इस मामले में आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी भर्ती से पहले दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की अच्छे से जांच की जाएगी, ताकि फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी लेने वालों पर रोक लगाई जा सके।


