मंत्रि-परिषद की बैठक में वाहन स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा देने और नगरपालिका कानून में संशोधन पर अहम फैसले
(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में दो बड़े निर्णय लिए गए। पहला, वाहन स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा देने के लिए “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” के आधार पर नए वाहनों के मोटरयान कर में 50% छूट देने का निर्णय, और दूसरा, नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 की स्वीकृति।
मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने बीएस-1 और बीएस-2 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” के आधार पर नए वाहनों के मोटरयान कर में 50% छूट देने का निर्णय लिया है। साथ ही, आगामी नगरीय निकाय चुनावों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 को मंजूरी दी गई।
मध्यप्रदेश में स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” के आधार पर नए वाहनों के मोटरयान कर में 50% छूट का फैसला। साथ ही नगरीय निकाय अध्यक्षों का चुनाव अब प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा।
वाहन स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए कर छूट
बैठक में तय किया गया कि पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) में BS-1 और उससे पहले के उत्सर्जन मानक वाले वाहनों, तथा मध्यम और भारी मालवाहक व यात्री वाहन जो BS-2 मानक के तहत निर्मित हैं, को स्क्रैप करने पर जारी “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” के आधार पर नया वाहन खरीदने पर मोटरयान कर में 50% की छूट मिलेगी।
यह छूट गैर-परिवहन और परिवहन दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगी।
- लाइफटाइम टैक्स जमा करने की स्थिति में — एकमुश्त 50% छूट।
- मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक टैक्स वाले वाहनों पर — 8 वर्ष तक 50% छूट।
शर्तें और प्रावधान
- छूट केवल मध्यप्रदेश में पंजीकृत RVSF द्वारा जारी “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” पर ही मिलेगी।
- प्रमाण-पत्र केवल एक बार उपयोग योग्य होगा और उपयोग के बाद वाहन डेटाबेस में “रद्द” के रूप में दर्ज होगा।
- प्रमाण-पत्र की वैधता 3 वर्ष होगी।
- जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप हुआ है, उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर ही छूट लागू होगी।
वित्तीय और पर्यावरणीय प्रभाव
- वर्ष 2024-25 में 1,563 नए वाहनों पर लगभग ₹17.05 करोड़ की छूट दी गई।
- वर्तमान में 99,000 BS-1 और BS-2 वाहन सड़क पर हैं। इन्हें स्क्रैप कर छूट देने पर लगभग ₹100 करोड़ का वित्तीय भार आएगा।
- भारत सरकार ने इस नीति को बढ़ावा देने के लिए ₹200 करोड़ की विशेष सहायता स्वीकृत की है।
- BS-1 उत्सर्जन मानक पहली बार अप्रैल 2000 में लागू हुए थे, जो अब प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से पुराने वाहनों के हटाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
नगरीय निकाय अध्यक्ष का प्रत्यक्ष चुनाव
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 को मंजूरी दी, जिसके तहत अब नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से मतदाताओं द्वारा किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
- 1999 से 2014 तक अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होता रहा।
- कोविड महामारी के कारण 2019 में चुनाव नहीं हो पाए।
- 2022 में चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुए।
- अब 2027 के चुनावों में फिर से प्रत्यक्ष चुनाव होंगे।
संशोधन का उद्देश्य
इस फैसले का उद्देश्य है कि जनता सीधे अपने नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव करे, जिससे लोकतांत्रिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़े। इसके लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि —
“वाहन स्क्रैपिंग नीति से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम जनता को आर्थिक लाभ मिलेगा। वहीं, प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का सीधा अधिकार मिलेगा।”