(श्वेता यादव)
बंग्लुरू (साई)। एक हफ्ते के अस्थायी प्रतिबंध के बाद टेलीग्राम ने फिर से Google Play Store में अपनी जगह बना ली है, लेकिन सरकार ने 30 जून तक उसके मैसेज‑एडिटिंग फीचर को बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह कदम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की शिकायतों के जवाब में उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि कुछ संगठित नकल गिरोह इस प्लेटफ़ॉर्म का दुरुपयोग कर छात्रों को धोखा दे रहे थे। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी टेलीग्राम की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे सरकार का बैन बरकरार रहा। जबकि Android उपयोगकर्ताओं को अब एप्लिकेशन मिल रहा है, Apple के App Store पर टेलीग्राम अभी भी अनुपलब्ध है, जिससे iOS उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त इंतज़ार करना पड़ेगा। इस लेख में हम बैन के कारण, पुनः प्रवेश की शर्तें और आगामी नीति बदलावों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
NEET‑UG 2026 के संदर्भ में बैन का कारण
केंद्र सरकार ने 16 जून से 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया, क्योंकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने चेतावनी दी थी कि कुछ संगठित नकल गिरोह इस प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके छात्रों को फर्जी जानकारी और धोखाधड़ी वाले लिंक भेज रहे थे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की शुद्धता और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A का प्रयोग
सरकार ने इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A का हवाला दिया, जिससे टेलीग्राम की सेवाओं को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया। यह कानूनी आधार कई बार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सरकारी नियंत्रण को वैध ठहराने के लिए उपयोग किया गया है, और इस मामले में भी इसे लागू किया गया।
पुनः प्रवेश की शर्तें और सीमाएँ
टेलीग्राम ने Google Play Store पर अपनी एप्लिकेशन को पुनः प्रकाशित करने के लिए सरकार के साथ समन्वय किया और बैन हटाने की शर्तों को स्वीकार किया। हालांकि, मैसेज‑एडिटिंग फीचर को 30 जून तक निष्क्रिय रखने की शर्त रखी गई, जिससे फर्जी संदेशों के प्रसार को रोका जा सके। इस प्रतिबंध के तहत उपयोगकर्ता केवल संदेश भेज और पढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें बाद में संपादित नहीं कर पाएंगे।
Apple App Store में अनुपलब्धता
Android उपयोगकर्ताओं को अब टेलीग्राम मिल रहा है, परंतु Apple के App Store में यह अभी भी उपलब्ध नहीं है। एप्पल उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त इंतज़ार करना पड़ेगा, क्योंकि एप्पल ने अभी तक इस प्रतिबंध को लागू करने की घोषणा नहीं की है। यह अंतर प्लेटफ़ॉर्म के नियामक अनुपालन में विविधता को दर्शाता है।
टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध ने कई स्तरों पर प्रभाव डाला, जिसमें छात्रों की परीक्षा तैयारी, डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में गिरावट, और प्लेटफ़ॉर्म की उपयोगिता पर प्रश्न उठे। नीचे प्रमुख आँकड़े और विश्लेषण प्रस्तुत हैं:
- बैन अवधि: कुल 7 दिन (16 जून‑22 जून) के लिए टेलीग्राम की सेवाओं को ब्लॉक किया गया।
- प्रभावित उपयोगकर्ता संख्या: अनुमानित 2.5 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता इस अवधि में प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच नहीं पा सके।
- धोखाधड़ी मामलों में गिरावट: NTA के डेटा के अनुसार, बैन के बाद फर्जी NEET‑UG संबंधित संदेशों में 45% की गिरावट देखी गई।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और सामाजिक प्रभाव
टेलीग्राम के उपयोगकर्ताओं ने बैन के दौरान वैकल्पिक प्लेटफ़ॉर्म जैसे WhatsApp और Signal की ओर रुख किया, जिससे इन सेवाओं की लोकप्रियता में अस्थायी वृद्धि हुई। सोशल मीडिया पर #TelegramBan और #NEETFraud जैसे हैशटैग ट्रेंड हुए, जो नीति के प्रति जनता की जागरूकता को दर्शाते हैं।
भविष्य की नीति दिशा और संभावित कदम
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि 30 जून के बाद भी मैसेज‑एडिटिंग फीचर पर सख्त निगरानी रखी जाएगी, और यदि आवश्यक हो तो स्थायी प्रतिबंध भी लागू किया जा सकता है। साथ ही, डिजिटल शिक्षा और परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई नियामक फ्रेमवर्क तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें AI‑आधारित मॉनिटरिंग टूल्स का उपयोग किया जाएगा।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





