(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। नई दिल्ली में आयोजित अमृत रत्न 2026 शिखर सम्मेलन में अभिनेता राकेश बेदी ने धुरंधर फ्रेंचाइजी की स्क्रिप्ट के पीएमओ से आने के झूठे दावों पर स्पष्ट और ठोस जवाब दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह की कोई आधिकारिक प्रक्रिया या सरकारी हस्तक्षेप कभी नहीं हुआ, और यह पूरी तरह से निर्माताओं की रचनात्मक कल्पना का परिणाम है। बेदी ने यह भी उजागर किया कि इस अफवाह ने फिल्म के दर्शकों और उद्योग के भीतर अनावश्यक तनाव पैदा किया है, जिससे सच्ची कहानी के मूल्य को कम किया गया। उनके बयान में यह भी कहा गया कि यदि ऐसी कोई सरकारी दस्तावेज़ मौजूद होता तो उसे सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाता, न कि गुप्त रूप से। इस स्पष्टिकरण ने सोशल मीडिया पर तीव्र चर्चा को जन्म दिया और फिल्म‑उद्योग में पारदर्शिता की मांग को और तेज़ कर दिया।
दावा: स्क्रिप्ट पीएमओ से
समारोह के दौरान कुछ मीडिया आउटलेट्स ने यह कहा कि धुरंधर फ्रेंचाइजी की कहानी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तैयार की गई थी, जिससे यह धारणा बनी कि सरकार ने सीधे फिल्म की कथा को आकार दिया। इस दावे को कई उद्योग विशेषज्ञों ने अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया, जिससे अफवाहें तेज़ी से फैलने लगीं।
राकेश बेदी का प्रत्यक्ष बयान
राकेश बेदी ने मंच पर खड़े होकर इस बात को दृढ़ता से खारिज किया, यह स्पष्ट करते हुए कि उन्होंने कभी भी ऐसी कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या निर्देश नहीं देखा। उन्होंने कहा, “मैंने पीएमओ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा जो फिल्म की स्क्रिप्ट लिख सके, और ऐसा सोचना भी असंभव है।” उनका यह बयान उद्योग में व्यापक समर्थन प्राप्त कर चुका है।
धुरंधर की शुरुआत और सफलता
आदित्य धर ने 2021 में ‘धुरंधर पार्ट 1’ को एक स्पाई थ्रिलर के रूप में लॉन्च किया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। इसके बाद ‘धुरंधर द रिवेंज’ ने भी समान सफलता हासिल की, जिससे यह फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल थ्रिलर श्रृंखलाओं में गिनी जाने लगी।
पिछले वर्षों में सरकारी सहयोग के अफवाहें
फिल्म के रिलीज़ के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक टिप्पणीकारों ने यह अनुमान लगाया कि सरकार ने इस परियोजना को समर्थन दिया है, विशेषकर राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी थीम के कारण। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई प्रमाण नहीं मिला है, और अधिकांश दावे केवल अटकलों पर आधारित रहे हैं।
नीचे प्रस्तुत आंकड़े और तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि धुरंधर की स्क्रिप्ट का कोई सरकारी स्रोत नहीं है:
- फ़िल्म निर्माण दस्तावेज़: आधिकारिक प्रोडक्शन फाइलें और लेखा‑जोखा पूरी तरह से निजी प्रोडक्शन हाउस ‘धुरंधर एंटरटेनमेंट’ के नाम पर हैं, जिसमें कोई सरकारी हस्ताक्षर नहीं है।
- स्क्रिप्ट लेखन प्रक्रिया: आदित्य धर ने स्वयं बताया कि उन्होंने 18 महीने की रिसर्च और कई ड्राफ्ट के बाद कहानी को तैयार किया, जिसमें कोई बाहरी सरकारी इनपुट नहीं था।
- सार्वजनिक रिकॉर्ड: भारत सरकार की किसी भी सार्वजनिक पोर्टल पर धुरंधर या समान थीम वाली फिल्म के लिए कोई अनुदान या समर्थन का उल्लेख नहीं मिलता।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया प्रवृत्ति
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर #DhurandharTruth और #PMOScript जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहाँ दर्शकों ने राकेश बेदी के बयान को समर्थन दिया है। कई फ़िल्म‑प्रेमियों ने कहा कि ऐसी अफवाहें फिल्म की कला को नुकसान पहुँचाती हैं और सच्ची कहानी को धूमिल करती हैं।
भविष्य में फ्रेंचाइजी की संभावनाएँ और नियामक प्रभाव
भविष्य में धुरंधर फ्रेंचाइजी के विस्तार की योजना है, जिसमें नई भागों और अंतरराष्ट्रीय रीमेक्स की संभावनाएँ शामिल हैं। यदि सरकार की ओर से कोई औपचारिक सहयोग नहीं है, तो यह फ्रेंचाइजी पूरी तरह से निजी निवेश और दर्शकों की पसंद पर निर्भर रहेगी, जिससे उद्योग में पारदर्शिता और स्वायत्तता को बढ़ावा मिलेगा।

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
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