सिवनी में बादलों से मिली राहत, दो डिग्री गिरा तापमान; अधिकतम 40.6 और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में भीषण गर्मी के बीच गुरुवार 21 मई 2026 को मौसम ने हल्की राहत दी। बादलों की मौजूदगी के कारण अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि दिनभर उमस और गर्म हवाओं का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 21 मई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, ब्रहस्पतिवार 21 मई 2026
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह36.420.623
शाम40.623.419
वर्षा0मिली मीटर

सिवनी जिले में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच गुरुवार 21 मई 2026 को मौसम ने लोगों को कुछ राहत दी। पिछले कई दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान नागरिकों को बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में गिरावट का एहसास हुआ। बीते 24 घंटों के दौरान जिले का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में करीब दो डिग्री की कमी आने से दिन के समय गर्मी का असर थोड़ा कम दिखाई दिया।

हालांकि तापमान में गिरावट के बावजूद उमस और गर्म हवाओं का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। शहर और ग्रामीण इलाकों में लोग दिनभर गर्मी और चिपचिपे मौसम से परेशान नजर आए। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय बादलों की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखने को मिला है।

बादलों की मौजूदगी से बदला मौसम का मिजाज

सिवनी जिले में गुरुवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे। दोपहर के समय तेज धूप जरूर निकली, लेकिन बादलों के बीच सूरज की तपिश पहले की तुलना में कम महसूस हुई। शाम के समय वातावरण में हल्की ठंडक महसूस की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान लगातार 42 डिग्री के आसपास बना हुआ था। ऐसे में दो डिग्री की गिरावट आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी दिखाई दिया, जहां लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में कुछ अधिक रही।

भीषण गर्मी से जनजीवन पर पड़ रहा असर

सिवनी सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में मई महीने के दौरान गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

गर्मी का सबसे अधिक असर निम्न वर्ग और मजदूर तबके पर देखा जा रहा है। निर्माण कार्यों, खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।

गर्मी के कारण बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

डॉक्टरों के अनुसार:

  • तेज धूप में अधिक समय तक रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
  • शरीर में पानी की कमी से कमजोरी और चक्कर की शिकायत बढ़ रही है।
  • बाहर निकलते समय सिर को ढकना और हल्के कपड़े पहनना जरूरी है।
  • अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी जा रही है।

कृषि क्षेत्र पर भी मौसम का असर

सिवनी जिला कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में किसान खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बादलों की सक्रियता बनी रहती है तो इससे मिट्टी की नमी में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि अभी मानसून आने में समय है, इसलिए किसानों की नजर आगामी मौसम बदलाव पर टिकी हुई है।

कई ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति भी बनी हुई है। तालाबों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर लगातार घट रहा है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।

बिजली खपत में लगातार हो रही बढ़ोतरी

गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। घरों, दुकानों और कार्यालयों में कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ने से बिजली खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो गई है।

कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम और रात के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मांग के बावजूद बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अत्यधिक लोड के कारण तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।

बाजार और व्यापार पर मौसम का प्रभाव

गर्मी का असर स्थानीय व्यापार और बाजारों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो जाती है जबकि शाम के समय लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

ठंडे पेय पदार्थ, आइसक्रीम, जूस और फल विक्रेताओं की बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है। वहीं कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में कूलर तथा पंखों की मांग बढ़ गई है।

व्यापारियों का कहना है कि मौसम में थोड़ी राहत मिलने से शाम के समय ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। यदि अगले कुछ दिनों तक बादल बने रहते हैं तो बाजार गतिविधियों में और सुधार देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने क्या कहा

मौसम विभाग के अनुसार सिवनी और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल आंशिक बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। हालांकि तेज बारिश जैसी स्थिति अभी नहीं बन रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • अगले कुछ दिनों तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
  • दिन के समय गर्म हवाओं का असर जारी रहेगा।
  • शाम के समय बादलों के कारण थोड़ी राहत मिल सकती है।
  • प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। हालांकि मानसून की वास्तविक स्थिति अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी।

नागरिकों में राहत, लेकिन चिंता अभी बरकरार

तापमान में गिरावट के बाद लोगों ने कुछ राहत जरूर महसूस की, लेकिन भीषण गर्मी को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शहर के कई हिस्सों में पेयजल संकट और बिजली कटौती की समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। आम नागरिक प्रशासन से बेहतर जल प्रबंधन और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।

लोगों की प्रमुख चिंताएं

  • लगातार बढ़ती गर्मी
  • जलसंकट की स्थिति
  • बिजली कटौती
  • बच्चों और बुजुर्गों की सेहत
  • खेती और पशुपालन पर असर

प्रशासन की तैयारियां और चुनौतियां

गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और बिजली विभाग को आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में गर्मी से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि लगातार बढ़ती गर्मी और सीमित संसाधनों के कारण प्रशासन के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मई के अंतिम सप्ताह तक सिवनी जिले में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही लोगों को अस्थायी राहत दे सकती है।

यदि प्री-मानसून गतिविधियां तेज होती हैं तो तापमान में और गिरावट संभव है। लेकिन फिलहाल नागरिकों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।

सिवनी जिले में बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में दर्ज की गई गिरावट ने लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर दी है। अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज होने के बावजूद गर्मी और उमस का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम के बदलते रुख पर आम नागरिकों, किसानों और प्रशासन की नजर बनी रहेगी। फिलहाल लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ गर्मी का सामना करना होगा।