ठंड का प्रकोप और बढ़ा: बीते 24 घंटों का तापमान रिकॉर्ड, शीतलहर से जनजीवन बेहाल

सिवनी जिले में शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को बीते 24 घंटों के दौरान ठंड और तीव्र हुई। न्यूनतम तापमान में और गिरावट से शीतलहर का असर बढ़ा। इसका सीधा प्रभाव जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और यातायात पर देखने को मिला।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, शुक्रवार 26 दिसंबर 2025
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह14.411.265
शाम25.216.250
वर्षा0मिली मीटर

सिवनी जिले में दिसंबर का अंतिम सप्ताह आते-आते ठंड अपने चरम की ओर पहुंचती दिखाई दे रही है। शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 की शाम तक दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के तापमान के आंकड़े बताते हैं कि सर्दी ने इस बार सामान्य से कहीं अधिक असर दिखाया है। रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह के समय शीतलहर तथा कोहरे का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

इसका सीधा असर आम नागरिकों की दिनचर्या, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि कार्यों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। लोग आवश्यक कार्यों के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं और बाजारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ में स्पष्ट कमी देखी जा रही है।

दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन इस वर्ष मौसम के पैटर्न में आए बदलाव के कारण ठंड की तीव्रता अधिक महसूस की जा रही है। उत्तरी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने पूरे मध्य भारत को प्रभावित किया है।

पिछले कुछ वर्षों में सिवनी में दिसंबर के अंत में न्यूनतम तापमान औसतन 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था, लेकिन इस बार यह स्तर उससे नीचे चला गया है। यही कारण है कि शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

📍 बीते24घंटों का तापमान (रिकॉर्डसिवनी जिला)

  • अधिकतम तापमान: लगभग 21°C
  • न्यूनतम तापमान: लगभग 5°C
  • सुबह कोहरा: मध्यम से घना
  • हवा की गति: हल्की ठंडी हवाएं
  • आर्द्रता: सामान्य से अधिक

सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिससे सड़क यातायात धीमा रहा। दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं हो पाई। शाम होते-होते फिर से ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई।

प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

🏛 प्रशासनिक प्रभाव

  • जिला प्रशासन ने रैन बसेरों और आश्रय स्थलों को सक्रिय किया है।
  • जरूरतमंदों को कंबल वितरण की व्यवस्था की गई है।
  • स्वास्थ्य विभाग को सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

👥 सामाजिक प्रभाव

  • सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों में भागीदारी कम हुई है।
  • सुबह की सैर और खेल गतिविधियां सीमित हुई हैं।
  • बुजुर्ग और बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

💼 आर्थिक प्रभाव

  • खुले बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटी है।
  • दिहाड़ी मजदूरों के काम के घंटे प्रभावित हुए हैं।
  • परिवहन सेवाओं में सुबह के समय देरी हो रही है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

मौसम के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम दर्ज किया जा रहा है। यह संकेत देता है कि इस बार ठंड लंबी और ज्यादा तीव्र हो सकती है।

मुख्य कारण:

  • उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं
  • पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
  • साफ आसमान और कम बादल

इन परिस्थितियों में रात के समय धरती की ऊष्मा तेजी से निकल जाती है, जिससे तापमान गिरता है।

आम जनता पर असर

🚶‍♂️ दैनिक जीवन

  • लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
  • सुबह जल्दी उठने वाले लोगों की संख्या घटी है।
  • सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल कम हुई है।

🌾 कृषि

  • फसलों पर पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
  • सब्जियों और दलहनों की फसलों को नुकसान की संभावना।
  • किसान रात में फसलों की निगरानी कर रहे हैं।

🏥 स्वास्थ्य

  • सर्दी, खांसी, जुकाम, अस्थमा और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है।
  • अस्पतालों और क्लीनिकों में ओपीडी में वृद्धि देखी गई है।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मौसम के रुझानों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है। कोहरे की तीव्रता बढ़ने से रेल और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष / Conclusion

शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के तापमान के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि सिवनी जिले में ठंड अपने चरम की ओर बढ़ रही है। इसका असर जनजीवन के हर क्षेत्र — स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन और सामाजिक गतिविधियों — पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में सतर्कता, सावधानी और प्रशासनिक तैयारी ही इस मौसम से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है।