नवरात्रि: शक्ति साधना का महापर्व
भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं में नवरात्रि का विशेष स्थान है। साल में चार नवरात्रि आती हैं – चैत्र, शारदीय, आषाढ़ और माघ। इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि कहा जाता है, जबकि आषाढ़ और माघ की नवरात्रियों को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। सामान्य नवरात्रि शक्ति की साधना के लिए और गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं के लिए मानी जाती है।
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नौ दिनों तक ही क्यों होती है नवरात्रि पूजा?
अक्सर यह सवाल उठता है कि नवरात्रि की पूजा केवल नौ दिनों तक ही क्यों होती है? क्यों यह पर्व 10, 12 या 15 दिनों तक नहीं चलता?
इसका उत्तर अंक ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं दोनों में छिपा है।
- नव शब्द का अर्थ – ‘नव’ का अर्थ नौ और ‘रात्रि’ का अर्थ रात है।
- अंक ज्योतिष में 9का महत्व – यह अंक पूर्णता, आध्यात्मिकता और आत्मज्ञान का प्रतीक है।
- प्रकृति का परिवर्तन – चैत्र और शारदीय नवरात्रि संधिकाल में आती हैं, जब ऋतु परिवर्तन होता है। इस दौरान शरीर और मन को सात्त्विक साधना और संयम की आवश्यकता होती है।
देवी के नौ स्वरूप और उनका महत्व
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की नौ शक्तियों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है।
- शैलपुत्री – पर्वत की पुत्री, प्रकृति और स्थिरता की प्रतीक।
- ब्रह्मचारिणी – तपस्या और भक्ति का स्वरूप।
- चंद्रघंटा – शांति और शक्ति की देवी।
- कुष्मांडा – ब्रह्मांड की सृजनकर्ता।
- स्कंदमाता – मातृत्व और पालन-पोषण का स्वरूप।
- कात्यायनी – दानवों का संहार करने वाली वीरता की देवी।
- कालरात्रि – भय और अंधकार का नाश करने वाली।
- महागौरी – पवित्रता और शांति का स्वरूप।
- सिद्धिदात्री – सिद्धियों और आत्मज्ञान की प्रदाता।
इन नौ शक्तियों की साधना से भक्त को भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक सभी प्रकार की उन्नति मिलती है।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
गुप्त नवरात्रि का महत्व साधारण भक्तों के लिए नहीं बल्कि तांत्रिक साधकों के लिए बताया गया है। इसमें देवी की साधना गुप्त मंत्रों, यंत्रों और तंत्रों के माध्यम से की जाती है। माना जाता है कि इस दौरान साधक को अलौकिक शक्तियां और सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
नवरात्रि और अंक ज्योतिष
अंक ज्योतिष में 9 अंक का विशेष महत्व है।
- यह एकल अंकों में अंतिम अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है।
- गर्भावस्था के नौ माह की तरह यह सृजन और परिवर्तन की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।
- 9 अंक सार्वभौमिक प्रेम, त्याग और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक है।
नवरात्रि के नौ दिन इस संख्या की आध्यात्मिक ऊर्जा के अनुरूप माने जाते हैं।
हिंदू संस्कृति में 9 का महत्व
नौ अंक केवल अंक ज्योतिष में ही नहीं बल्कि हिंदू संस्कृति और परंपरा में भी गहरा महत्व रखता है।
- नवग्रह – जीवन के सभी पहलुओं पर नौ ग्रहों का प्रभाव।
- नवरत्न – नौ रत्नों का महत्व और शुभ प्रभाव।
- नवरस – कला और नृत्य में नौ भावनाएं।
- भक्ति के नौ रूप – परमात्मा की ओर ले जाने वाली नौ विधियां।
रात्रि पूजन का महत्व
पुराणों और शास्त्रों में कहा गया है कि नवरात्रि की रातों में देवी पूजन से अधिक फल प्राप्त होता है।
- रात्रि का समय शांत और साधना के लिए उपयुक्त होता है।
- इस दौरान व्रत, मंत्र जाप, तंत्र, त्राटक और योग साधना से साधक अलौकिक सिद्धियां प्राप्त कर सकता है।
- रात्रि का पूजन मानसिक और आत्मिक शांति प्रदान करता है।
नवरात्रि और स्वास्थ्य लाभ
नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
- इस दौरान सात्त्विक भोजन और उपवास शरीर को शुद्ध करता है।
- ऋतु परिवर्तन के दौरान यह आहार पद्धति शरीर को बीमारियों से बचाती है।
- ध्यान और साधना मानसिक संतुलन बनाए रखते हैं।
नवरात्रि का वैश्विक महत्व
आज नवरात्रि केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धूमधाम से मनाई जाती है। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में बसे भारतीय समुदाय गरबा और दुर्गा पूजा के आयोजन करते हैं। इससे भारतीय संस्कृति की धरोहर विश्वभर में फैल रही है।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा भक्तों को जीवन में संतुलन, शक्ति और आत्मज्ञान प्रदान करती है। अंक ज्योतिष में 9 संख्या का महत्व इस पर्व को और भी पवित्र बनाता है।
नवरात्रि हमें यह संदेश देती है कि भक्ति, संयम और साधना से जीवन के हर संकट का समाधान संभव है।
🙏 जय माता दी।
(साई फीचर्स)

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