(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सिवनी में 22 अक्टूबर 2026 को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री नीलमणी अग्निहोत्री की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण तथा बड़े मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण पर विस्तृत चर्चा हुई।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का विवरण
उप जिला अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रकाशन के बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता दावे और आपत्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। सभी प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। यह समय‑सारिणी चुनाव की तैयारी में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करती है।
नवीन मतदान केंद्रों का प्रस्ताव और सहमति
बैठक में 1200 से अधिक मतदाता वाले केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। सिवनी जिले में कुल छह नए मतदान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रस्तावित केंद्र बरघाट विधानसभा क्षेत्र (केंद्र क्रमांक 288 अंतरा एवं 324 जाम), सिवनी विधानसभा क्षेत्र (केंद्र क्रमांक 54 गहरानाला) और लखनादौन विधानसभा क्षेत्र (केंद्र क्रमांक 3 दरगड़ा, 378 मुड़ापार एवं 409 पाडीवाड़ा) में स्थापित किए जाएंगे। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को आयोग को भेजने की पूर्ण सहमति व्यक्त की।
प्रमुख बिंदु
• कंपनी: राज्य निर्वाचन आयोग एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नीलमणी अग्निहोत्री
• आयोजन: स्टैंडिंग कमेटी की बैठक
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण और 1200+ मतदाता वाले क्षेत्रों में नए मतदान केंद्रों की स्थापना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 12 नवंबर 2026 को प्रारूप प्रकाशन, 28 दिसंबर 2026 तक दावे निराकरण, 4 जनवरी 2027 को अंतिम सूची प्रकाशन, छह नए केंद्रों की स्वीकृति
• लक्ष्य: चुनाव प्रक्रिया की सुगमता, पारदर्शिता और मतदाता सुविधा में सुधार
सिवनी में आयोजित इस बैठक ने मतदाता सूची के समयबद्ध अद्यतन और बड़े मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश स्थापित किए हैं। सभी राजनीतिक दलों की सहमति यह दर्शाती है कि चुनाव प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भागीदारी और सहयोग आवश्यक है। नियमित पुनरीक्षण और आधुनिक मतदान सुविधाओं का परिचय सिवनी के निर्वाचन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, सुलभ और विश्वसनीय बनाने में योगदान देगा, जिससे भविष्य में सतत विकास और लोकतांत्रिक स्थिरता को बल मिलेगा।