(ब्यूरो कार्यालय)
रायपुर (साई)। रायपुर में 14 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में EOW‑ACB ने शराब घोटाले से जुड़े 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों के खिलाफ दसवां चालान दायर किया। इस चालान में 3,076.34 करोड़ रुपये की कुल राशि का उल्लेख है, जिसमें अवैध शराब की बिक्री, कमीशन और विदेशी लाइसेंसी कंपनियों के लाभ शामिल हैं। यह मामला राज्य के वित्तीय नुकसान को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
जांच के प्रमुख बिंदु
जांच एजेंसी ने अवैध उत्पादन, बिना आबकारी शुल्क के शराब की डिलीवरी और हवाला लेन‑देनों के साक्ष्य प्रस्तुत किए। रिपोर्ट के अनुसार, 15 जिलों में 60.50 लाख पेटियों (पार्ट‑बी) की शराब बेची गई, जिसका सकल मूल्य लगभग 2,174.67 करोड़ रुपये है। डिस्टिलरी संचालक, मैनपावर एजेंसियां, होलोग्राम निर्माता और कई आपूर्तिकर्ता इस साजिश में शामिल पाए गए। एजेंसी ने कहा कि शराब के उत्पादन में कमीशनखोरी और आबकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया, जिससे राजस्व में भारी हानि हुई।
प्रमुख बिंदु
• कंपनी/व्यक्तियों: रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा, अख्तर ढेबर सहित 20 आरोपी • आयोजन: दसवां चालान दायर, विशेष अदालत • स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़ • मुख्य उद्देश्य: अवैध शराब व्यापार का पर्दाफाश, वित्तीय हानि की वसूली • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 27,000 पृष्ठों के दस्तावेज़ जमा, 3,200 करोड़ रुपये की हानि का अनुमान • लक्ष्य: भविष्य में ऐसी साजिशों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्त दंड
आगे की कार्यवाही और अपेक्षित प्रभाव
अगले चरण में अदालत द्वारा आरोपियों के खिलाफ बंधक, संपत्ति जब्ती और आपराधिक दंड के आदेश की अपेक्षा है। EOW‑ACB ने नियमित निगरानी, लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सुधार और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली के उपयोग की सिफारिश की है। यदि इन उपायों को सफलतापूर्वक लागू किया गया तो सार्वजनिक वित्तीय स्थिरता, उपभोक्ता सुरक्षा और राज्य की छवि में सुधार की संभावना है, जिससे दीर्घकालिक सतत विकास को बल मिलेगा।