उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को गति: 315 मोटर मार्ग

(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच बैठक हुई। दोनों ने उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‑4 (PMGSY‑IV) के तहत प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा की और शीघ्र स्वीकृति की प्रतिबद्धता ली। यह कदम राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा सुधारने के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

प्रस्तावित कार्यों का विवरण

PMGSY‑IV के तहत 315 मोटर मार्गों की लंबाई 1,777 किमी है, जिनका अनुमानित खर्च ₹2,526 करोड़ है। इन मार्गों के साथ 32 सेतु निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹182 करोड़ प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर ₹2,708 करोड़ की निवेश राशि से 610 गाँवों को सड़क संपर्क प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से न केवल ग्रामीण आवागमन में सुधार होगा, बल्कि कृषि उत्पादों के बाजार तक पहुँच भी तेज होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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अतिरिक्त प्रस्ताव एवं राज्य की मांग

उत्तराखंड सरकार ने अतिरिक्त 213 सड़क प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए हैं, जिनकी कुल लंबाई 1,360 किमी है। इन प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह समर्थन राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक‑आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: उत्तराखंड सरकार • आयोजन: PMGSY‑IV के तहत सड़क एवं सेतु प्रस्तावों की स्वीकृति • स्थान: नई दिल्ली • मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 315 मोटर मार्ग, 32 सेतु, ₹2,708 करोड़ निवेश, 610 गाँवों को जोड़ना • लक्ष्य: दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों का तेज विकास

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भविष्य की दिशा

आगे चलकर उत्तराखंड सरकार नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगी और तकनीकी नवाचार एवं पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्यान्वयन को तेज करेगी। सतत विकास और नागरिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए, इस प्रकार की बुनियादी ढाँचा पहलें राज्य की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक समावेशिता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।