(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। बरघाट तहसील में अवैध वृक्ष कटाई के संदेह पर स्थानीय प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान सात पटवारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों और वास्तविक कटाई स्थल के बीच स्पष्ट विसंगतियां पाई गईं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने इन अनियमितताओं को उजागर कर, पटवारियों की दो-दो वेतनवृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया।
जांच के निष्कर्ष और प्रशासनिक कार्रवाई
जांच में पाया गया कि कई मामलों में प्रतिवेदनों में कटाई के वास्तविक प्रमाण, जैसे लकड़ी या ठूंठ, उपलब्ध नहीं थे। अभिलेखों की कमी और तथ्यात्मक असंगतियों ने पटवारियों की भूमिका पर संदेह उत्पन्न किया। कलेक्टर ने कारण‑बताओ नोटिस जारी कर उत्तर मांगा, पर प्राप्त जवाब समाधानकारक नहीं रहे। परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत सभी सात पटवारियों की वेतनवृद्धियों को रोकने का आदेश दिया गया। साथ ही, कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर संभागायुक्त जबलपुर ने तत्कालीन एसडीएम संदीप श्रीवास्तव के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारम्भ की, जिससे प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी/संस्था: सिवनी जिला प्रशासन
• आयोजन: अवैध वृक्ष कटाई जांच एवं वेतनवृद्धि रोक आदेश
• स्थान: बरघाट तहसील, सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: पर्यावरणीय संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएँ: सात पटवारियों की दो‑दो वेतनवृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकना; एसडीएम के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू
• लक्ष्य: भविष्य में अनधिकृत कटाई को रोकना, सरकारी कर्मचारियों में नैतिकता एवं कर्तव्यनिष्ठा बढ़ाना