(ब्यूरो कार्यालय)
पांढुर्णा (साई)। पांढुर्णा जिले में अचानक दो दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे के बाद एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को पद से हटाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने आधिकारिक ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर उन्हें PHQ भेजा और विदिता धनखड़ को नया एसपी नियुक्त किया। इस कदम का कारण सुरक्षा चूक के आरोप और महिला अधिकारी के साथ विवाद दोनों को मिलाकर माना जा रहा है, जिससे जिले में प्रशासनिक स्थिरता और पुलिस संस्कृति पर प्रश्न उठे हैं।
स्थानांतरण के पीछे के कारण
परिहार को हटाने का प्रमुख कारण सुरक्षा में चूक का आरोप है, क्योंकि पांढुर्णा में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। साथ ही, महिला सब‑इंस्पेक्टर के साथ ऑडियो‑वीडियो रिकॉर्डिंग का मामला भी सामने आया, जिसमें एसपी परिहार के खिलाफ अनुचित व्यवहार का संकेत मिला। इन रिकॉर्डिंगों की शिकायत पॉलिसी मुख्यालय तक पहुंची, जिससे तत्काल कार्यवाही का आदेश दिया गया। अतिरिक्त रूप से, पांढुर्णा एसपी ऑफिस में कुछ महिला कर्मचारियों ने भी परिहार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जो अंततः इस स्थानांतरण में योगदान माना गया है।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
भोपाल के पुलिस मुख्यालय ने कहा कि स्थानांतरण एक प्रशासनिक निर्णय है और किसी भी व्यक्तिगत या राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं है। उन्होंने एक आंतरिक जांच का आदेश दिया है ताकि सभी आरोपों की सत्यता स्थापित की जा सके। साथ ही, महिला अधिकारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल में सम्मान सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा‑निर्देश जारी किए जाएंगे। नई एसपी विदिता धनखड़ ने कहा कि वे जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, समुदाय के साथ संवाद बढ़ाने और पुलिस के भीतर पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्य प्रदेश पुलिस
• आयोजन: एसपी प्रकाश चंद्र परिहार का पदस्थापना हटाना
• स्थान: पांढुर्णा, मध्य प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: सुरक्षा चूक और महिला अधिकारी के साथ विवाद को सुलझाना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: आंतरिक जांच, महिला सुरक्षा दिशा‑निर्देश, नई एसपी का नियुक्ति
• लक्ष्य: प्रशासनिक स्थिरता, पुलिस संस्कृति में सुधार, जनता का विश्वास पुनः स्थापित करना
पांढुर्णा में इस परिवर्तन से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और कार्यस्थल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। नियमित जांच, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग और महिला अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा से न केवल विभागीय कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि सतत विकास और सामाजिक स्थिरता के लक्ष्य भी साकार होंगे। भविष्य में ऐसे कदमों से पुलिस की विश्वसनीयता और जनता के साथ सहयोग में सुधार की उम्मीद की जा रही है।