(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल मंच से मंदसौर के बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अपेक्स बैंक चेयरमैन महेंद्र सिंह यादव, राजेश दीक्षित, कप्तान सिंह और पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि औषधीय फसलों और आधुनिक तकनीक के सहयोग से मंदसौर अब विकास के नए आयाम छू रहा है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्य कार्यक्रम एवं पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले को 8‑लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट और पशुपतिनाथ लोक जैसी कई सौगातें मिली हैं। निकट भविष्य में मंदसौर‑नीमच एयरपोर्ट की सुविधा और बस सेवा द्वारा भोपाल से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी। कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीक अपनाते हुए औषधीय फसलों की खेती बढ़ाई जा रही है, और “एक जिला‑एक उत्पाद” के तहत लहसुन की ब्रांडिंग राज्य सरकार द्वारा समर्थित है। सिंचाई के लिए अब किसानों को दिन में 10 घंटे निरंतर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रात में सिंचाई की समस्या समाप्त होगी। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए गांवों में दुग्ध समितियां बनायी जा रही हैं, जिसमें ऑर्गेनिक घी और दूध उत्पादन की योजना शामिल है, लक्ष्य उत्पादन को 12% से 20% तक बढ़ाना है। आगामी गोवर्धन पूजा में उन्नत पशुपालकों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी/संस्था: मंदसौर जिला, मुख्यमंत्री कार्यालय
• आयोजन: बलराम कृषि महोत्सव (वर्चुअल संबोधन)
• स्थान: भोपाल (वर्चुअल) – मुख्य रूप से मंदसौर
• मुख्य उद्देश्य: कृषि, औषधीय फसल और दुग्ध क्षेत्र में नई तकनीक एवं बुनियादी ढांचा विकास
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 8‑लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट, नीमच एयरपोर्ट, 10 घंटे बिजली‑सिंचाई, दुग्ध समिति गठन, ऑर्गेनिक घी योजना
• लक्ष्य: किसान आय में 20% वृद्धि, दुग्ध उत्पादन 20% तक बढ़ाना, अंतर‑राज्य कनेक्टिविटी सुधार
डॉ. यादव की यह पहल मंदसौर को कृषि‑आधारित आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निरंतर बिजली‑सिंचाई, आधुनिक बायो‑फार्म तकनीक और दुग्ध उत्पादन में सुधार से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश की सतत विकास रणनीति को भी मजबूती मिलेगी। भविष्य में नियमित समीक्षा और तकनीकी उन्नयन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंदसौर का विकास सामाजिक‑आर्थिक समावेशी और पर्यावरण‑सुरक्षित बना रहे।