(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी विकासखंड में 26 सितंबर 2026 को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अतिवृष्टि और तेज हवाओं से हुए फसल नुकसान का मैदानी सर्वेक्षण किया। उन्होंने कुकलाह, बीसावाड़ी, कलारबांकी सहित कई प्रभावित गांवों का दौरा किया, किसानों से सीधे संवाद किया और क्षति का त्वरित आकलन करने का निर्देश दिया। यह कदम किसानों को शीघ्र राहत सुनिश्चित करने और बीमा एवं सरकारी क्षतिपूर्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया। कुल मिलाकर 1500 से अधिक हेक्टेयर कृषि भूमि पर जलजमाव और पवन क्षति दर्ज की गई, जिससे कई परिवारों की आय पर गंभीर प्रभाव पड़ा। कलेक्टर ने कहा कि सर्वे कार्य को तेज गति से पूरा किया जाएगा ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार लाभ मिल सके।
विस्तृत रिपोर्ट
कलेक्टर मीना ने सर्वे कार्य के लिए राजस्व, पंचायत, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों‑कर्मचारियों का संयुक्त दल गठित किया। जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र, सहकारिता, लीड बैंक और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ तीन अग्रणी कृषकों को शामिल करते हुए एक विशेष समिति बनाई गई। यह समिति प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर निरीक्षण कर फसल क्षति का सटीक आकलन कर रही है। सर्वे दल ने बताया कि सर्वे में कोई भी किसान छूट नहीं सकता; सभी को फसल नुकसान के प्रमाण प्रस्तुत करने और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने की सलाह दी गई। कलेक्टर ने सर्वे की प्रगति पर नियमित रिपोर्ट माँगी और पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा समयबद्धता पर विशेष जोर दिया। इस प्रक्रिया के तहत बीमा कंपनी और राज्य शासन से निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि को सीधे पात्र किसानों को पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी/संस्था: जिला प्रशासन (सिवनी)
• आयोजन: फसल क्षति सर्वेक्षण एवं किसान संवाद
• स्थान: सिवनी विकासखंड (कुकलाह, बीसावाड़ी, कलारबांकी आदि)
• मुख्य उद्देश्य: जलजमाव व तेज हवा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: सर्वे में कोई किसान छूट नहीं, पारदर्शी आकलन, बीमा एवं सरकारी क्षतिपूर्ति की शीघ्र प्रक्रिया
• लक्ष्य: 1500+ हेक्टेयर प्रभावित भूमि का सटीक मूल्यांकन, पात्र किसानों को नियमानुसार राहत प्रदान करना
कलेक्टर मीना की पहल से सिवनी में फसल क्षति सर्वे को तेज़ी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। नियमित निरीक्षण, संयुक्त सर्वे दल और किसानों के साथ सीधा संवाद यह सुनिश्चित करेगा कि सभी पात्र किसानों को समय पर बीमा एवं सरकारी राहत मिल सके। इस प्रकार सतत कृषि विकास, कर्मचारी कल्याण और क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सिवनी के ग्रामीण समुदाय की दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित होगी।