(मणिका सोनल)
नई दिल्ली (साई)। चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 से Annexure-D को हटाने का अहम फैसला किया है। यह निर्णय उन राज्यों में लागू होगा जहाँ वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पूरा हो चुका है। नई नीति के तहत नए वोटरों को अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता नहीं रहेगी, जिससे एन्क्लोजर प्रक्रिया तेज़ और सरल होगी। इस बदलाव को लेकर कांग्रेस ने पहले चिंता जताई थी, पर अब आयोग की टीम ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
ECI ने बताया कि अब ऑनलाइन फॉर्म-6 से Annexure-D को हटाया गया है। जहाँ SIR प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, वहाँ मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए अतिरिक्त डिक्लेरेशन की मांग नहीं की जाएगी। यह परिवर्तन ECINET पोर्टल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल दोनों पर लागू होगा।
फॉर्म-6 के तहत पहले आवेदकों को अपने माता‑पिता, दादा‑दादी या नाना‑नानी के बारे में जानकारी देनी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया में देरी और जटिलता बढ़ती थी। अब यह बाधा हटाने से राज्य‑स्तर पर एन्क्लोजर की गति बढ़ेगी और चुनावी तैयारी में समय बचेगा।
चुनाव आयोग ने इस निर्णय को कई बैठकों के बाद लिया, जहाँ विभिन्न राज्य निर्वाचन अधिकारियों की राय ली गई। आयोग ने कहा कि Annexure-D केवल SIR के दौरान आवश्यक था, और प्रक्रिया समाप्त होने पर इसे जारी रखना अनावश्यक है।
इस कदम से डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर वोटर एन्क्लोजर की पारदर्शिता भी बढ़ेगी, क्योंकि अब सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और अतिरिक्त कागजी कार्य कम होगा।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: चुनाव आयोग (ECI)
• आयोजन: फॉर्म-6 में Annexure-D हटाने का निर्णय
• स्थान: नई दिल्ली (केन्द्रीय स्तर पर)
• मुख्य उद्देश्य: SIR पूर्ण होने वाले राज्यों में एन्क्लोजर प्रक्रिया को सरल बनाना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: अब नए वोटरों को अतिरिक्त जानकारी नहीं देनी होगी
• लक्ष्य: वोटर एन्क्लोजर की गति बढ़ाना, डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित करना
चुनाव आयोग का यह निर्णय एन्क्लोजर प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में नियमित रूप से SIR की प्रगति की निगरानी और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग से मतदान प्रक्रिया में दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह पहल न केवल मतदाता सुविधा को बढ़ाएगी, बल्कि चुनावी प्रबंधन में पारदर्शिता और समयबद्धता को भी सुदृढ़ करेगी।