(स्वाति खरे)
भोपाल (साई)। राज्य सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के उद्देश्य से 24,500 करोड़ रुपये की स्वीकृति पारित की। इस निर्णय में शिक्षा, स्वास्थ्य, जलसिंचाई, बुनियादी ढाँचा और सामाजिक सुरक्षा के कई प्रमुख पहल शामिल हैं। प्रमुख अधिकारियों ने इस स्वीकृति को प्रदेश के आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्य पहल और वित्तीय आवंटन
स्वीकृति में 348.07 करोड़ रुपये की राशि कक्षा 1‑8 के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदान करने के लिए निर्धारित की गई है। अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में सिंगरौली में 605 बिस्तरों वाला जिला चिकित्सालय निर्माण हेतु 372.12 करोड़ रुपये, छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के लिए 953.69 करोड़ रुपये और उज्जैन में कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन हेतु 358.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जलसिंचाई में दतिया‑रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये, नीमच‑रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई के लिए 524.65 करोड़ रुपये और सागर‑बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
बुनियादी ढाँचा और सामाजिक सुरक्षा
दमोह‑कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4,470.30 करोड़ रुपये, लोक स्वास्थ्य केंद्रों एवं ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए 3,245.80 करोड़ रुपये, तथा भूमि अंतरण पर उपकर को ग्रामीण विकास निधि में अंतरण हेतु 3,580.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर 20% आरक्षण की स्वीकृति भी इस पैकेज में शामिल है, जिससे युवा वर्ग के रोजगार अवसर बढ़ेंगे।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कुल स्वीकृति राशि: 24,500 करोड़ रुपये
• प्रमुख क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य, जलसिंचाई, बुनियादी ढाँचा, सामाजिक सुरक्षा
• प्रमुख परियोजनाएँ: सिंगरौली जिला चिकित्सालय, दमोह‑कटनी मार्ग, दतिया‑रतनगढ़ सिंचाई, छिन्दवाडा मेडिकल कॉलेज
• आरक्षण: पुलिस आरक्षक एवं विशेष सशस्त्र बल में 20% आरक्षण
• लक्ष्य: प्रदेश के समग्र विकास को तेज करना और जनहित को सुदृढ़ करना
राज्य सरकार की 24,500 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचा में निवेश से रोजगार सृजन, जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। नियमित समीक्षा और तकनीकी नवाचार के साथ इस योजना का कार्यान्वयन सतत विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।