(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। 28 सितंबर 2026 – लखनादौन विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरिया मेहरा एवं गौराबीबी में 29 सितंबर को उप‑निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) के अंतर्गत मतदान निर्धारित है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती नेहा मीना ने इस अवसर पर दोनों ग्रामों के सरकारी, अर्द्धशासकीय और निगम कर्मचारियों के लिए एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। यह कदम मतदान के सुगम संचालन, नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
वोटिंग प्रक्रिया और प्रशासनिक आदेश
मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल ने 28 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पिपरिया मेहरा एवं गौराबीबी के निवासियों के लिए 29 सितंबर को सामान्य अवकाश घोषित किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि इस दिन के सभी सरकारी कार्यालय, अर्द्धशासकीय इकाइयाँ और शासकीय निगमों के कर्मचारी कार्य से मुक्त रहेंगे। इस अवकाश को 1881 के Negotiable Instruments Act की धारा 25 के तहत भी वैध माना गया है, जिससे कानूनी प्रभाव सुनिश्चित हुआ।
कर्मचारी एवं नागरिकों के लिए प्रभाव
अवकाश के कारण ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को मतदान में भाग लेने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि की संभावना है। साथ ही, सार्वजनिक सेवाओं के सामान्य संचालन में कोई बाधा नहीं होगी क्योंकि सभी संबंधित विभागों ने पहले से ही कार्य योजना तैयार कर ली है। यह पहल स्थानीय प्रशासन की पारदर्शिता और नागरिक‑केन्द्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग
• आयोजन: पिपरिया मेहरा एवं गौराबीबी में उप‑निर्वाचन 2026
• स्थान: सिवनी, लखनादौन विकासखंड
• मुख्य उद्देश्य: मतदान के लिए सार्वजनिक अवकाश प्रदान करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 29 सितंबर को सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निगम कर्मचारियों के लिए सामान्य अवकाश
• लक्ष्य: उच्च मतदान भागीदारी और सुगम चुनाव प्रक्रिया
निष्कर्ष
पिपरिया मेहरा और गौराबीबी में सार्वजनिक अवकाश का निर्णय स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी और नागरिक अधिकारों के सम्मान को उजागर करता है। नियमित अवकाश एवं स्पष्ट निर्देशों से कर्मचारियों को मतदान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करता है। भविष्य में इस प्रकार की पहलें कार्यस्थल की सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण और सतत विकास के साथ-साथ सुगम चुनावी प्रक्रियाओं के लिए मॉडल बन सकती हैं।