(आशीष कौशल)
नागपुर (साई)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष के अंतिम चरण में मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संगठनात्मक ढाँचे में संभावित बदलावों पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा। इस बैठक में देशभर के 46 प्रांत पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है और यह 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक चलने की योजना है। इस बदलाव का उद्देश्य क्षेत्रीय कार्यक्षमता बढ़ाना और शताब्दी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।
संगठनात्मक ढाँचे में प्रस्तावित परिवर्तन
वर्तमान में RSS के मध्य प्रदेश में मध्य भारत, मालवा और महाकौशल के तीन प्रांत हैं। प्रस्तावित मॉडल में पूरे राज्य को एकीकृत रखते हुए सात संभागों – भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर और रीवा – में विभाजित करने की योजना है। प्रत्येक संभाग को स्वतंत्र प्रचारक, कार्यकारी और वित्तीय इकाइयों से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय‑लेने की गति तेज होगी और सदस्यता विस्तार में मदद मिलेगी। इस पुनर्गठन से प्रांत‑स्तर की दोहराव वाली प्रक्रियाओं को समाप्त कर अधिक पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा और भविष्य की दिशा
बैठक में शताब्दी वर्ष के विभिन्न कार्यक्रमों – जैसे राष्ट्रीय एकता अभियान, सामाजिक सेवा पहल और युवा प्रशिक्षण – की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। रिपोर्टों से पता चला कि कई पहलें अपेक्षित प्रभाव तक नहीं पहुँच पाई हैं, इसलिए नई संरचना के तहत इन कार्यक्रमों को पुनः प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और डेटा‑आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को लागू करने की सिफारिश की गई है, जिससे कार्यान्वयन की निगरानी और समय पर सुधार संभव हो सके। हालांकि, सात संभागों की व्यवस्था अभी अंतिम रूप नहीं ली गई है और निर्णय के लिए आगे की सलाह‑मशविरा आवश्यक माना गया है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
• आयोजन: अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक
• स्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: मध्य प्रदेश के संगठनात्मक ढाँचे में संभावित बदलावों पर चर्चा
• प्रस्तावित परिवर्तन: तीन प्रांतों से सात संभागों (भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, रीवा)
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएँ: शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग का परिचय, निर्णय‑लेने की गति बढ़ाना
• लक्ष्य: क्षेत्रीय कार्यक्षमता में सुधार, सदस्यता विस्तार, पारदर्शी प्रबंधन
RSS का यह पुनर्गठन प्रयास मध्य प्रदेश में कार्यात्मक दक्षता और शताब्दी वर्ष के सामाजिक मिशनों की प्रभावशीलता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि सात संभागीय मॉडल को अंतिम रूप दिया जाता है, तो नियमित समीक्षा, आधुनिक तकनीक का उपयोग और कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों के कल्याण पर निरंतर ध्यान दीर्घकालिक सतत विकास और संगठन की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करेगा।