(अतुल खरे)
मुंबई (साई)। ग्लोबल फ़िनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के दौरान मुंबई में आयोजित सत्र में In-Solutions Global (ISG) के सह-संस्थापक एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अडेलिया कास्टेलिनो और चीफ़ स्ट्रैटेजी एवं ट्रांसफ़ॉर्मेशन ऑफिसर सचिन कास्टेलिनो ने एजेंटिक कॉमर्स की अवधारणा को उजागर किया। उन्होंने बताया कि AI एजेंट उपयोगकर्ता के इरादे के आधार पर उत्पाद खोज, शर्तों पर बातचीत और भुगतान को स्वचालित कर सकते हैं, जिससे तेज़ी और सुविधा के साथ भरोसा एवं अनुपालन भी सुनिश्चित हो। यह पहल भारत, अफ्रीका, मध्य पूर्व, APAC और दक्षिण‑पूर्व एशिया में भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एजेंटिक कॉमर्स का स्वरूप और तकनीकी पहलू
ISG ने बताया कि अगली पीढ़ी के भुगतान में एजेंट‑टू‑एजेंट लेन‑देन का मॉडल अपनाया जाएगा, जहाँ दो AI एजेंट एक-दूसरे के साथ वास्तविक‑समय में वैधता, पास‑की प्रमाणीकरण और अपरिवर्तनीय ऑडिट ट्रेल के माध्यम से लेन‑देन को सुरक्षित करेंगे। कंपनी ने GIFT सिटी लाइसेंस, 190 बाजारों में विस्तार और प्रमाणित एजेंट नेटवर्क के निर्माण को अपनी रणनीति के मुख्य स्तंभ बताया। इस मॉडल में अनुपालन को डिज़ाइन‑लेवल पर ही एम्बेड किया जाएगा, जिससे बाद में कोई अतिरिक्त गार्डरेल्स जोड़ने की आवश्यकता न रहे।
उपभोक्ता अनुभव और जिम्मेदारी का संतुलन
सचिन कास्टेलिनो ने बताया कि एजेंटिक कॉमर्स उपभोक्ताओं को अधिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगतकरण प्रदान करता है, पर साथ ही उन्हें मशीन को अधिकार सौंपने की समझ और सुरक्षा जोखिमों से निपटने की ज़िम्मेदारी भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता दोधारी तलवार है; उपयोगकर्ता को एजेंट को भरोसेमंद बनाना होगा, तभी यह मॉडल सफल हो पाएगा।”
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: In-Solutions Global (ISG)
• आयोजन: ग्लोबल फ़िनटेक फेस्ट 2026
• स्थान: मुंबई
• मुख्य उद्देश्य: एजेंटिक कॉमर्स का विज़न प्रस्तुत करना और भरोसा‑अनुपालन को प्राथमिकता देना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: चरणबद्ध रोल‑आउट, गार्डरेल्स को बुनियादी परत में एम्बेड करना, 190 बाजारों में विस्तार
• लक्ष्य: AI‑आधारित एजेंट‑टू‑एजेंट भुगतान को सुरक्षित, तेज़ और स्केलेबल बनाना
ISG ने एजेंटिक कॉमर्स को केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद आर्किटेक्चर के रूप में प्रस्तुत किया। यदि अनुपालन, गवर्नेंस और उपभोक्ता शिक्षा को प्रारम्भिक चरण में सुदृढ़ किया गया, तो यह मॉडल भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य को तेज़ी से बदल सकता है। नियमित समीक्षाओं और तकनीकी नवाचारों के साथ कर्मचारी कल्याण और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने से इस नई भुगतान लहर की सफलता सुनिश्चित होगी।