(स्वाति खरे)
भोपाल (साई)। सोमवार को मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पाँचवीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति दी। पहला, निगम को आय सृजन हेतु एक रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी (Revenue Generating Body) स्थापित करने का निर्देश, और दूसरा, मुख्यमंत्री निवास में तैयार हो रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण करने का आदेश। इन कदमों से राज्य के सार्वजनिक‑सेक्टर उद्यमों की वित्तीय स्थिरता और सामाजिक सहभागिता दोनों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य है।
नवीन राजस्व स्रोतों की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा आय‑स्रोतों पर निर्भरता सीमित है; इसलिए निगम को तुरंत वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों की पहचान कर उनका विकास करना चाहिए। रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी का गठन करके निगम को विभिन्न व्यावसायिक मॉडलों, जैसे कि किराये‑आधारित सुविधाएँ, इवेंट मैनेजमेंट, और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से अतिरिक्त आय उत्पन्न करने की अनुमति मिलेगी। इस दिशा में, बोर्ड ने प्रबंध संचालक एवं अधिकार समिति को 25 करोड़ रुपये तक के अनुमानित अनुबंध राशि (PAC) वाली निविदाओं की स्वीकृति/निरस्तीकरण की शक्ति प्रदान की, जिससे निर्णय‑लेने की गति बढ़ेगी।
जन-मन सभागार का महत्व
डॉ. यादव ने जन-मन सभागार को सामाजिक संवाद का प्रमुख मंच बताया। यह सभागार नागरिकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के बीच सीधे संवाद स्थापित करने के लिए बनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आगमन से पहले इसका पूर्ण होना निवेशकों को प्रदेश की पारदर्शिता और विकास‑उन्मुख दृष्टिकोण दिखाने में सहायक होगा। साथ ही, नई मेडिकल कॉलेजों और अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण में केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (VG F) के मानकों का पालन किया जाएगा, जिससे परियोजनाओं की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड
• आयोजन: बोर्ड की पाँचवीं बैठक
• स्थान: भोपाल
• मुख्य उद्देश्य: रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी का गठन और जन-मन सभागार का शीघ्र पूर्णता
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: आय सृजन हेतु नई इकाई की स्थापना, 25 करोड़ तक के PAC अनुबंधों की स्वीकृति अधिकार
• लक्ष्य: वित्तीय स्थिरता, सामाजिक संवाद, निवेशकों को आकर्षित करना
भवन विकास निगम द्वारा रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी की स्थापना और जन-मन सभागार के समयबद्ध पूर्णता के कदम राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई दिशा देंगे। निरंतर तकनीकी उन्नयन, नियमित प्रदर्शन समीक्षा और कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करके निगम न केवल आय में वृद्धि करेगा, बल्कि सतत विकास और सार्वजनिक‑सेक्टर उद्यमों की विश्वसनीयता को भी सुदृढ़ करेगा।