(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी, 18 सितंबर 2026 – प्रदेश शासन के राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने अपने सिवनी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के हिस्से के रूप में शासकीय अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम की बुनियादी सुविधाओं, शैक्षणिक माहौल और छात्राओं की दैनिक दिनचर्या का जायजा लिया। मंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए शिक्षा, मेहनत और अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया, जिससे इस पहल का सामाजिक प्रभाव स्पष्ट हुआ।
आश्रय की स्थिति एवं शिक्षा पहल
निरीक्षण में पाया गया कि आश्रम में छात्राओं के लिए शौचालय, जल आपूर्ति और पढ़ाई के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध है। शिक्षकों ने पाठ्यक्रम के साथ-साथ कौशल विकास कार्यक्रमों को भी चलाया है, जिससे छात्राओं को रोजगार‑उन्मुख प्रशिक्षण मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ लागू कर रही है, और इस आश्रम को इन योजनाओं के कार्यान्वयन का मॉडल माना गया है। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करने और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षा एवं सुविधाओं का मूल्यांकन
आश्रय में सुरक्षा मानकों की भी जाँच की गई। अग्निशामक उपकरण, आपातकालीन निकास और नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था स्थापित है। मंत्री ने कहा कि भविष्य में डिजिटल शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म और ऑनलाइन लाइब्रेरी को जोड़कर सीखने की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही, छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु काउंसलिंग सत्रों को नियमित किया जाएगा, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: शासकीय अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम
• आयोजन: मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत निरीक्षण
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: आश्रम की सुविधाओं का मूल्यांकन एवं छात्राओं से संवाद
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल प्रशिक्षण एवं डिजिटल पहल को सुदृढ़ करना
• लक्ष्य: जनजातीय छात्राओं की शैक्षणिक और सामाजिक प्रगति सुनिश्चित करना
करण सिंह वर्मा का यह दौरा प्रदेश की जनजातीय महिला शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नियमित निरीक्षण, आधुनिक तकनीक का समावेश और छात्राओं के समग्र विकास पर ध्यान देकर आश्रम को मॉडल संस्थान बनाया जा सकता है। ऐसी पहलें न केवल व्यक्तिगत सफलता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि सामाजिक समावेश और सतत आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।