(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल (साई)। भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम’ के अंतर्गत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में राज्य के प्रमुख राजनैतिक प्रतिनिधि, महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, चिकित्सक और मेडिकल छात्र शामिल हुए। रक्तदान को जीवनरक्षक दान के रूप में प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
सेवा संकल्प अभियान का विस्तार
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मध्यप्रदेश में 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक कुल 6,744 यूनिट रक्तदान हो चुका है और शाम तक इस आंकड़े में निरंतर वृद्धि की उम्मीद है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा को सम्मानित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। अभियान का मुख्य लक्ष्य रक्त की कमी को दूर कर आपातकालीन स्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
रक्तदान शिविर की प्रक्रिया और परिणाम
शिविर में रक्तदान प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मानक प्रोटोकॉल अपनाए गए। प्रत्येक दाता को स्वास्थ्य जांच, हेमोग्लोबिन स्तर की पुष्टि और स्वच्छ उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया गया। दान के बाद दाताओं को प्रमाणपत्र और स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई। इस शिविर में कुल 120 दाताओं ने भाग लिया, जिससे तत्काल 180 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। संग्रहित रक्त को राज्य के प्रमुख अस्पतालों में आपूर्ति किया जाएगा, जिससे आपातकालीन रोगियों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश सरकार • आयोजन: सेवा मेरा योगदान रक्तदान शिविर • स्थान: शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल • मुख्य उद्देश्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर रक्तदान को प्रोत्साहित करना • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 290 स्थानों पर अभियान, 6,744 यूनिट रक्तदान, जीवनरक्षक दान की महत्ता • लक्ष्य: रक्त की कमी को दूर करना, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना
भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने भविष्य में नियमित रक्तदान शिविरों की योजना का उल्लेख किया, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिरता बढ़ेगी। आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी के माध्यम से दाता सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। नियमित समीक्षा और सामुदायिक सहभागिता के साथ यह पहल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करेगी।