(अशोक सोनी)
सिवनी (साई)। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने लंबित भू-अर्जन प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष बैठक का संचालन किया। सिवनी, लखनादौन और घंसौर अनुविभाग के राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी उपस्थित थे। किसानों और अन्य हितग्राहियों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु
बैठक में प्रत्येक प्रकरण की वर्तमान स्थिति, कार्यवाही की प्रगति और विलंब के कारणों की प्रकरणवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर मीना ने जल संसाधन विभाग (संभाग क्रमांक‑1) को पेंच व्यपवर्तन, अपर तिलवारा सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के भू-अर्जन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। लोक निर्माण विभाग को मार्ग निर्माण से जुड़े भू-अर्जन मामलों में शीघ्रता से कार्य करने का आदेश मिला। सभी प्रकरणों में अवार्ड पारित होने से पहले आवश्यक राशि जमा कराना अनिवार्य किया गया, जिससे अवार्ड पारित होने के बाद मुआवजा तुरंत वितरित हो सके। साथ ही, आधुनिक GIS मैपिंग और डिजिटल दस्तावेज़ीकरण के उपयोग से प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की सिफ़ारिश की गई। कलेक्टर ने यह भी कहा कि विभागीय समन्वय को मजबूत कर अनावश्यक देरी को समाप्त किया जाए, जिससे कृषि उत्पादन और स्थानीय विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: जिला प्रशासन, सिवनी
• आयोजन: लंबित भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति समीक्षा बैठक
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: त्वरित निराकरण और समय पर मुआवजा भुगतान
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: जल संसाधन एवं लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता, अवार्ड से पहले निधि जमा, GIS‑आधारित ट्रैकिंग
• लक्ष्य: 2027 तक सभी लंबित प्रकरणों का निपटारा
भविष्य की दिशा
कलेक्टर मीना ने कहा कि नियमित समीक्षा, डिजिटल तकनीक का एकीकरण और कर्मचारियों के कल्याण पर निरंतर ध्यान से भू-अर्जन प्रक्रिया में दक्षता आएगी। समय पर मुआवजा न केवल किसानों के भरोसे को बढ़ाएगा बल्कि सार्वजनिक कार्यों की समयसीमा भी सुनिश्चित करेगा। इस दिशा में किए गए कदमों से सिवनी जिले में सतत विकास और सामाजिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।