(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एक बड़ा आरोप सामने आया है। उपमहाधिवक्ता सुदीप भार्गव ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा तैयार जवाब को बदलकर कोर्ट में पेश किया गया। यह मामला पाक्सो एक्ट से जुड़ा हुआ है और बड़वानी विशेष न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध आरोपित ने जमानत याचिका प्रस्तुत की है। उपमहाधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए जवाब तैयार किया था, लेकिन उनके जवाब को बदल दिया गया। इस मामले में उपमहाधिवक्ता ने महाधिवक्ता को लिखित शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है।
उपमहाधिवक्ता का आरोप
उपमहाधिवक्ता सुदीप भार्गव ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा तैयार जवाब को बदलकर कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने कहा है कि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आने की जानकारी मिली थी जिनमें बिना संबंधित शासकीय अधिवक्ता की स्वीकृति के अलग जवाब प्रस्तुत कर दिए गए।
उपमहाधिवक्ता ने दावा किया है कि यह मामला पाक्सो एक्ट से जुड़ा हुआ है और बड़वानी विशेष न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध आरोपित ने जमानत याचिका प्रस्तुत की है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए जवाब तैयार किया था, लेकिन उनके जवाब को बदल दिया गया।
महाधिवक्ता को शिकायत
उपमहाधिवक्ता ने महाधिवक्ता को लिखित शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पांच पेज का जवाब था, जिसमें तीन पर उनके हस्ताक्षर हैं और दो पेज पर नहीं। जिन पेज पर हस्ताक्षर नहीं हैं, उन्हीं में जवाब बदला गया है।
उपमहाधिवक्ता ने कहा है कि उन्होंने महाधिवक्ता को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
court case manipulation के मामले में जांच
इस मामले में जांच की जरूरत है। उपमहाधिवक्ता के आरोप गंभीर हैं और इसकी जांच कराना जरूरी है। मध्य प्रदेश न्यूज के अनुसार, यह मामला पाक्सो एक्ट से जुड़ा हुआ है और बड़वानी विशेष न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध आरोपित ने जमानत याचिका प्रस्तुत की है।
इस मामले में इंदौर न्यूज के अनुसार, उपमहाधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए जवाब तैयार किया था, लेकिन उनके जवाब को बदल दिया गया। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
उपमहाधिवक्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह मामला पाक्सो एक्ट से जुड़ा हुआ है और बड़वानी विशेष न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध आरोपित ने जमानत याचिका प्रस्तुत की है।
इस मामले में निष्पक्ष जांच कराना जरूरी है। उपमहाधिवक्ता के आरोप गंभीर हैं और इसकी जांच कराना जरूरी है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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