मध्यप्रदेश में अगले पांच साल में 221 आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसर रिटायर हो जाएंगे, जिससे प्रशासनिक संकट गहरा सकता है। प्रदेश की आबादी लगातार बढ़ रही है और शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरतें भी बढ़ी हैं। सरकार ने इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कई नए विभाग और उपक्रम बनाए हैं और जिलों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, जिन्हें नया प्रशासनिक ढांचा चाहिए।