कर्नाटक में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के फैसले से शिक्षक, अभिभावक और खेल प्रेमी विरोध कर रहे हैं, जो कहते हैं कि यह फैसला समावेशी शारीरिक शिक्षा को कमजोर करेगा और ग्रामीण छात्रों को नुकसान पहुंचाएगा