भारत में जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई और खेल पर ध्यान देना चाहिए, उसी उम्र में कई किशोर अपराध की राह पकड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि यह ट्रेंड हर साल गंभीर होता जा रहा है। चोरी और अपहरण के अलावा अब साइबर अपराध भी इस सूची में तेजी से जुड़ रहा है। यह जानकारी National Crime Records Bureau के अनुसार है।


