(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। 23 सितम्बर 2026 को जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय सीताफल कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला प्रशासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने किया और इसमें विधायक श्री दिनेश राय, जनपद अध्यक्ष छपारा श्री सदम सिंह वरकड़े, आयुक्त श्री सौरभ सुमन, कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, वनमंडलाधिकारी श्री महेन्द्र सिंह उईके तथा MP औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी संचालक श्री अनिल कुमार राठौर सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सीताफल को उत्पादन से निर्यात तक जोड़ने वाली सशक्त मूल्य श्रृंखला बनाना था।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने सीताफल की खेती तकनीक, रोग प्रबंधन और उन्नत बीज चयन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। आयुक्त श्री सुमन ने कहा कि सीताफल को केवल फल नहीं, बल्कि एक समग्र परियोजना के रूप में देखना चाहिए, जिसमें प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और भंडारण शामिल हों। किसानों को कृषक उत्पादक संगठन (KPO) के माध्यम से संगठित होकर कंपनियों के साथ साझेदारी करने की सलाह दी गई। साथ ही, निर्यात बाजार में प्रवेश के लिए आवश्यक मानक, फसल बीमा और GST अनुपालन पर भी चर्चा हुई।
सीताफल मूल्य श्रृंखला में नवाचार
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने आधुनिक सुई‑सेंसर तकनीक और मोबाइल ऐप‑आधारित बाजार सूचना प्रणाली को लागू करने की योजना बताई। इससे किसानों को फसल की गुणवत्ता, भंडारण समय और बाजार मूल्य की实时 जानकारी मिलेगी। अतिरिक्त रूप से, स्थानीय उद्यमियों को प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया। यह पहल सीताफल को जामुन, जेली, पाउडर और निर्यात योग्य पैकेज्ड उत्पादों में परिवर्तित करने में मदद करेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: जिला प्रशासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग
• आयोजन: जिला स्तरीय सीताफल कार्यशाला
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: उत्पादन‑से‑निर्यात तक सशक्त मूल्य श्रृंखला बनाना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: संगठित KPO, तकनीकी सहायता, निर्यात मानक अनुपालन
• लक्ष्य: 2027 तक सिवनी में सीताफल निर्यात में 15% वृद्धि
भविष्य की दिशा
कार्यशाला के निष्कर्षों के आधार पर अगले तिमाही में सीताफल प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना, किसान प्रशिक्षण मॉड्यूल और निर्यात प्रोत्साहन योजना लागू की जाएगी। नियमित मूल्य श्रृंखला समीक्षा और तकनीकी अपडेट से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी, जिससे सिवनी जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।