सिवनी के बारापत्थर में ‘फायर पुष्पा’ शो संग नवरात्र सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य आयोजन

सिवनी के बारापत्थर क्षेत्र स्थित बाहुबली चौक पर नवरात्र पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का सफल समापन हुआ। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण रहा ‘फायर पुष्पा’ शो, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारी वर्षा के बावजूद आयोजन में जनसमूह की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया।

(अशोक सोनी)

सिवनी (साई)। भारत की सांस्कृतिक विविधता का सबसे बड़ा आधार उसके पर्व और उत्सव हैं। नवरात्र पर्व जहां एक ओर शक्ति की उपासना का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह समाज को सांस्कृतिक एकता और सामूहिक उत्साह से जोड़ने का भी अवसर प्रदान करता है। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले का बारापत्थर क्षेत्र हर वर्ष इस पर्व पर विशेष चर्चा में रहता है, क्योंकि यहाँ बाहुबली चौक पर आयोजित होने वाला सांस्कृतिक महोत्सव पूरे जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

इस वर्ष भी आयोजक अजय बाबा पाण्डे ने लगातार 14वें वर्ष इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे भव्य रूप दिया।

नवरात्र पर्व और सिवनी की सांस्कृतिक पहचान

सिवनी न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि यह सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र रहा है। नवरात्र पर्व के दौरान पूरे शहर का वातावरण भक्ति और उत्साह से भर उठता है। माँ दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना, गरबा-डांडिया कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ इस पर्व की शोभा बढ़ा देती हैं।

बारापत्थर क्षेत्र स्थित बाहुबली चौक पिछले 14 वर्षों से इस आयोजन का गवाह रहा है। यह स्थान अब सिवनी की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

मुख्य आकर्षण: ‘फायर पुष्पा’ शो

इस वर्ष के महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा फायर पुष्पा शो’, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर विशेष तकनीकी प्रभावों और धमाकेदार प्रस्तुति ने ऐसा माहौल बना दिया मानो दर्शक किसी फिल्मी सेट पर हों।

  • शो के दौरान लाइट्स, म्यूजिक और फायर इफेक्ट्स का अनोखा संगम देखने को मिला।
  • दर्शकों ने उत्साहपूर्वक तालियों और हूटिंग से कलाकारों का स्वागत किया।
  • बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने इस प्रस्तुति का भरपूर आनंद उठाया।

महाराष्ट्र से आए कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम को और भी खास बनाया महाराष्ट्र से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने। इन कलाकारों ने लोकनृत्य और आधुनिक कला के संगम से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित दर्शक झूम उठे। उनकी वेशभूषा, तालमेल और जोश ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया।

स्थानीय प्रतिभा को मिला मंच

किसी भी सांस्कृतिक आयोजन की सफलता तभी मानी जाती है जब उसमें स्थानीय प्रतिभाओं को भी अवसर दिया जाए।

  • सिवनी के एक नन्हे कलाकार ने पुष्पा मूवी के गाने पर ऐसा शानदार डांस किया कि सभी उपस्थित लोग आश्चर्यचकित रह गए।
  • कई स्थानीय गायकों और नृत्य समूहों ने अपनी प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत बना दिया।
  • बच्चों की नाट्य प्रस्तुतियों ने माता रानी की भक्ति और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया।

इससे यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा बल्कि स्थानीय कला और कलाकारों को प्रोत्साहन देने का माध्यम भी बना।

बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसले

इस वर्ष आयोजन के दौरान भारी वर्षा ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन आयोजकों और जनता का उत्साह अडिग रहा।

  • बरसात के बावजूद हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
  • आयोजक दल ने तत्काल व्यवस्थाएँ बदलकर दर्शकों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया।
  • इस दृढ़ निश्चय और जनता के सहयोग ने यह साबित कर दिया कि सिवनी की सांस्कृतिक एकता अटूट है।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।

  • सांसद भारती पारधी ने सिवनी की जनता के उत्साह की सराहना की और इसे सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बताया।
  • विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आयोजक अजय बाबा पाण्डे को इस परंपरा को लगातार जीवित रखने के लिए धन्यवाद दिया।
  • अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भव्य बना दिया।

आयोजक का आभार

आयोजन के सफल समापन पर आयोजक अजय बाबा पाण्डे ने सभी का सहृदय धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

“भारी वर्षा और कठिन परिस्थितियों के बावजूद सिवनी की जनता ने जिस उत्साह और समर्थन के साथ इस आयोजन को सफल बनाया, वह इस शहर की सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है।”

उन्होंने विशेष रूप से मंच पर उपस्थित अतिथियों और सभी सहयोगियों का आभार जताया और वादा किया कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

सांस्कृतिक महोत्सव का महत्व

ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं होते, बल्कि इनके कई व्यापक प्रभाव होते हैं:

  1. सामुदायिक एकता – विभिन्न वर्गों और पृष्ठभूमि के लोग एक मंच पर आते हैं।
  2. स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन – नए कलाकारों को पहचान मिलती है।
  3. पर्यटन को बढ़ावा – बाहरी क्षेत्रों से भी लोग ऐसे आयोजनों को देखने आते हैं।
  4. धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा – युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का अवसर मिलता है।

✅ निष्कर्ष

सिवनी के बारापत्थर क्षेत्र में आयोजित नवरात्र सांस्कृतिक महोत्सव 2025 केवल एक आयोजन नहीं बल्कि शहर की सांस्कृतिक एकता,भक्ति और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बन गया। भारी वर्षा जैसी चुनौतियों के बावजूद ‘फायर पुष्पा’ शो और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। आयोजक अजय बाबा पाण्डे और सिवनी की जनता ने यह साबित कर दिया कि जब सांस्कृतिक विरासत और जनसमर्थन साथ हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह में नहीं टिक सकती।