भारतीय शादी में जितने रस्में होती हैं, उससे ज्यादा उसमें छिपी कॉमेडी होती है। मंडप में बैठे लोग कभी मंत्रों में हँसी ढूंढते हैं, तो कभी रिश्तेदारों की हरकतों में। लेकिन इस बार हंसी का असली पटाखा खुद दुल्हन ने फोड़ा!
विवाह का शुभ समय, पंडित जी पूरी श्रद्धा से मंत्र पढ़ रहे थे।
उन्होंने दुल्हन से कहा—
“अपना दायां हाथ वर के हाथों पर रखकर कहो… ‘मैं आज से आपकी पत्नी हूं, आपकी हर इच्छा पूरी करने का प्रयास करूंगी, आपकी हर आज्ञा मानूंगी, दुख-सुख में आपका साथ दूंगी…’।”
इतना सुनते ही दुल्हन ने चोली के पल्लू को ठीक किया, पंडित जी को घूरकर बोली—
“पंडित जी, क्या मैं आपको इतनी बेवकूफ लगती हूँ? मैं यह सब ऐसे ही कह दूँ?”
बस… फिर क्या था!
दूल्हा संकोच में…
दूल्हे के पिताजी हँसी रोकते-रोकते लाल…
और बाराती बोले—“भई, आज जमाई राजा का असली ट्रायल शुरू हो गया!”
फनी डायलॉग्स का तड़का
पति-पत्नि:
पति: तुम शादी के बाद बदल गई हो।
पत्नी: हाँ, क्योंकि तुम्हें लगा था मैं पंडित जी की लाइनें सच में मान लूँगी?
दोस्त-दोस्त:
दोस्त 1: बीवी से कौन-कौन सी आज्ञा माननी चाहिए?
दोस्त 2: जो वो बोले—सब… और जो ना बोले—वो भी!
टीचर-स्टूडेंट:
टीचर: विवाह का मतलब क्या है?
स्टूडेंट: सर, हिम्मत + रिस्क + आजीवन EMI!
सास-बहू:
सास: बहू, तुम दुल्हन बनकर बहुत शांत दिख रही थी।
बहू: वो कैमरा चल रहा था न!
मज़ेदार बुलेट पॉइंट्स
- दुल्हन की स्मार्टनेस ने मंडप का माहौल बदल दिया
- पंडित जी पहली बार निरुत्तर!
- दूल्हे की मुस्कान जिम्मेदारियों में बदलने लगी
- रिश्तेदारों को उनकी सालभर की हंसी मिल गई
निष्कर्ष
शादी में रस्में भले गंभीर लगें, पर दुल्हन जैसे लोग हों तो हर मंत्र में कॉमेडी छिपी होती है। भारतीय विवाह उतना संस्कारी है, उतना ही मनोरंजक भी!
जोक 1:
दूल्हा: शादी के बाद क्या बदल जाएगा?
दुल्हन: तुम… और बाकी सब अपने-आप!
जोक 2:
पंडित जी: बेटा, अब पत्नी की आज्ञा मानना।
दूल्हा: पंडित जी, लगता है ये मंत्र आपके ही लिए ज्यादा जरूरी है!