(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। 21 सितम्बर 2026 को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति (DLCC) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बैंकवार सीडी रेशो, एनपीए, आरआरसी वसूली, केसीसी वितरण सहित विभिन्न प्राथमिकता योजनाओं के तहत ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर मीना ने बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें और समय सीमा के भीतर स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित करें।
बैठक के मुख्य एजेंडा और निर्णय
बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई:
• शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के तहत बैंकों को प्रेषित प्रकरणों की त्वरित कार्रवाई।
• स्व-सहायता समूहों (SHG) के क्रेडिट लिंकेज प्रकरणों की समीक्षा और सीएलएफ वितरण में गति लाने के निर्देश।
• पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण।
• मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत बैंकों को प्रेषित प्रकरणों की स्थिति का मूल्यांकन।
इन सभी बिंदुओं में कलेक्टर मीना ने विभागीय और बैंकर्स के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने, दस्तावेजी कार्यवाही को तेज करने और लक्ष्य के अनुरूप अधिक प्रकरण प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति (DLCC)
• आयोजन: ऋण स्वीकृति एवं वितरण गति बढ़ाने की बैठक
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: प्राथमिकता वाली योजनाओं के तहत ऋण प्रकरणों की शीघ्र स्वीकृति
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: बैंकों और विभागों के बीच त्वरित समन्वय, दस्तावेजी कार्यवाही में तेजी, लक्ष्य के अनुरूप प्रकरणों की संख्या बढ़ाना
• लक्ष्य: पात्र लाभार्थियों को समय सीमा में योजना का लाभ प्रदान करना
कलेक्टर मीना ने बैठक को इस आश्वासन के साथ समाप्त किया कि नियमित समीक्षा, तकनीकी सहायता और विभागीय समन्वय के माध्यम से ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जाएगा। यह निरंतर फोकस न केवल लाभार्थियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि सिवनी जिले में आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन को भी सुदृढ़ करेगा। भविष्य में ऐसी ही पहलें राज्य की वित्तीय समावेशी नीति को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।