सिवनी में पाँच भूमिस्वामियों के विरुद्ध अवैध कॉलोनियों के आपराधिक प्रकरण

(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)।सिवनी नगर तहसील के ग्राम डोरली छतरपुर में चार अवैध कॉलोनाइजर्स ने बिना किसी सक्षम अनुमति या ले‑आउट के छोटे‑छोटे प्लॉट्स तैयार कर बेचे। इस पर स्थानीय RTI एक्टिविस्ट व पत्रकार राजेंद्र गुप्ता ‘तक्षक’ ने कई शिकायतें दर्ज कराईं। न्यायालय तहसीलदार सिवनी, भाग‑2 ने इन शिकायतों की जाँच की और परिणाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भेजा। अब एसडीएम सिवनी को आगे की कार्यवाही, जिसमें FIR दर्ज करना शामिल है, करनी है।

जांच प्रक्रिया एवं विवरण

जांच में पता चला कि खसरा न. 23/1/1/1/2//1/1 के 0.1670 हेक्टेयर, खसरा न. 27/1/1/1/2 के 0.06 हेक्टेयर, खसरा न. 27/4/1/2/1/1 के 0.144 हेक्टेयर आदि क्षेत्रों में पाँच भूमिस्वामी—मुस्तफा (पिता असदु खान), अहसान (पिता हफीज खान), मोहन (पिता सूरज प्रसाद लांजेवार), आरिफ (पिता वाहिद खान) और नन्दलाल (पिता लक्ष्मीनारायण गहलोद)—के नाम पर छोटे‑छोटे प्लॉट्स बनाकर कई खरीदारों को बेचे गए। इन भूखंडों का ले‑आउट स्वीकृत नहीं था, न ही विकास अनुमति ली गई। रजिस्ट्री और राजस्व अभिलेखों में इन प्लॉटों का नामांतरण हो चुका था और कई घर भी बन चुके थे। शिकायत के साथ खरीदारों के नामांतरण आदेशों की प्रतियां भी प्रस्तुत की गईं, जिससे तथ्य स्पष्ट हुए।

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 प्रमुख बिंदु

• कंपनी/व्यक्ति: पाँच भूमिस्वामी (मुस्तफा, अहसान, मोहन, आरिफ, नन्दलाल)
• आयोजन: अवैध कॉलोनियों का विकास एवं बिक्री
• स्थान: डोरली छतरपुर, सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: बिना अनुमति के प्लॉट्स बनाकर बेचना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: रिपोर्ट अनुविभागीय अधिकारी को भेजी, एसडीएम को कार्यवाही हेतु निर्देश
• लक्ष्य: अवैध विकास को रोकना, कानूनी कार्रवाई द्वारा न्याय सुनिश्चित करना

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जांच से स्पष्ट हुआ कि नियामक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर अवैध कॉलोनियों का विकास स्थानीय भूमि बाजार में अनियमितता लाता है। एसडीएम सिवनी की आगामी कार्रवाई, जिसमें FIR दर्ज करना शामिल है, न केवल पीड़ित खरीदारों को न्याय दिलाएगी बल्कि भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए सख्त चेतावनी भी होगी। नियमित निरीक्षण, पारदर्शी ले‑आउट स्वीकृति और भूमि रिकॉर्ड की सटीकता से ही सतत विकास और नागरिक विश्वास को मजबूती मिलेगी।