(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल (साई)।गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की शक्ति और युवाओं की भूमिका का जीवंत उत्सव है। वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय परेड ने एक बार फिर देश की एकता, अनुशासन और सामूहिक संकल्प को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। इसी कड़ी में राष्ट्रीय परेड में भाग लेने वाले एन.सी.सी. कैडेट्स को सम्मानित करने के लिए भोपाल के लोकभवन में भव्य एन.सी.सी. एट होम समारोह आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का मजबूत स्तंभ बताया।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय परेड अनुशासन, समन्वय और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण होती है। कर्तव्य पथ पर कदमताल करते हुए कैडेट्स की गरिमामयी सहभागिता न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हर एन.सी.सी. कैडेट अपने आचरण, नेतृत्व और अनुशासन से समाज के लिए प्रेरणा बनता है।
राष्ट्रीय परेड और एनसीसी की भूमिका
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) देश की सबसे बड़ी युवा संगठनात्मक संरचनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति की भावना विकसित करना है। गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में चयनित कैडेट्स को शामिल होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह चयन कठोर प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता के आधार पर होता है।
राज्यपाल ने कहा कि कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कैडेट्स की प्रभावी और अनुशासित उपस्थिति ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे एन.सी.सी. तंत्र की सामूहिक सफलता है।
लोकभवन में आयोजित एनसीसी एट होम समारोह
सोमवार, 2 फरवरी 2026 को भोपाल के लोकभवन स्थित सांदीपनि सभागार में आयोजित इस समारोह में गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया। समारोह का वातावरण देशभक्ति, गर्व और उत्साह से भरा हुआ था।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय को राष्ट्रीय स्तर पर ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने भविष्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए कैडेट्स और अधिकारियों को शुभकामनाएं भी दीं।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने एन.सी.सी. कैडेट्स को केवल शारीरिक और शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि संस्कारवान नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि—
- माता-पिता, गुरुजनों और प्रशिक्षकों का सम्मान जीवन की पहली सीख होनी चाहिए
- आदर्श जीवन मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है
- संविधान के मूल मूल्य—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को व्यवहार में उतारना हर युवा का कर्तव्य है
राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण में अपनी ऊर्जा और क्षमता का उपयोग करें।
सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों पर जोर
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आज का युवा केवल अपने करियर तक सीमित न रहे, बल्कि समाज का नेतृत्व करने की भूमिका निभाए। उन्होंने एन.सी.सी. कैडेट्स को स्वच्छता, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में ध्वजवाहक बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि हर युवा को इस भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए—
“हम दिन चार रहें न रहें,माँ तेरा वैभव सदा रहे।”
यह पंक्ति राष्ट्र के लिए त्याग, समर्पण और दीर्घकालिक सोच का प्रतीक है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
समारोह में एन.सी.सी. कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यपाल ने इन प्रस्तुतियों की खुले दिल से सराहना की और कहा कि यह जोश, जज़्बे और जुनून का जीवंत उदाहरण हैं।
कैडेट्स ने
- “ऐ मेरे भारत की नारी,तू है महान” के माध्यम से नारी शक्ति का सम्मान
- “नव भारतम् –श्रेष्ठ भारतम्” के माध्यम से आधुनिक, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की झलक प्रस्तुत की
इन प्रस्तुतियों में भारत की विविधता में एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
एनसीसी निदेशालय की उपलब्धियां
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल जे.पी. सिंह ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनंदन किया। उन्होंने स्वागत उद्बोधन में रिपब्लिक डे कैंप-2026 में प्रदेश की सहभागिता, उपलब्धियों और प्रशिक्षण व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी।
सीनियर अंडर ऑफिसर सुश्री प्रथा सिंह उमठ ने रिपब्लिक डे कैंप-2026 के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के कैडेट्स के साथ अनुभवों का आदान-प्रदान युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बनाता है।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव
इस प्रकार के आयोजन न केवल कैडेट्स का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक मूल्यों का प्रसार भी करते हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट संदेश जाता है कि युवा शक्ति को दिशा देना और सम्मानित करना सरकार और संस्थाओं की प्राथमिकता है।
एन.सी.सी. जैसे संगठनों के माध्यम से तैयार हुआ अनुशासित युवा भविष्य में प्रशासन, रक्षा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
राज्यपाल के संदेश और सम्मान समारोह से प्रेरित होकर यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले वर्षों में और अधिक युवा एन.सी.सी. से जुड़ेंगे। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सेवा को मजबूती मिलेगी, बल्कि एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक समाज का निर्माण भी होगा।
एन.सी.सी. कैडेट्स के लिए यह सम्मान एक पड़ाव नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है।
8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल एन.सी.सी. कैडेट्स का सम्मान केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का संदेश स्पष्ट है कि अनुशासित, संस्कारवान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरित युवा ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। यह समारोह युवाओं के आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता है।

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