नेशनल लोक अदालत 13 को : दाण्डिक से लेकर विद्युत प्रकरणों तक होगा सुलह-सहमति से निराकरण

13 दिसम्बर 2025 को सिवनी, लखनादौन, घंसौर और केवलारी के न्यायालय परिसरों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। इस लोक अदालत में दाण्डिक, वैवाहिक, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना, विद्युत और प्रीलिटिगेशन सहित अनेक प्रकार के मामलों का समाधान सुलह-सहमति से किया जाएगा। विद्युत प्रकरणों में विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों से लोक अदालत का लाभ लेने की अपील की है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 13 दिसम्बर 2025 को जिलेभर में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी श्री सतीश चंद्र राय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

सिवनी जिला मुख्यालय सहित लखनादौन,घंसौर और केवलारी के न्यायालय परिसरों में एक ही दिन जिलेभर के हजारों मामलों के समाधान का बड़ा अभियान चलाया जाएगा। लोक अदालत में सुलह-सहमति के माध्यम से प्रकरणों का तेज, किफायती और संतोषजनक निपटारा कराने का अवसर आमजन को उपलब्ध कराया जाएगा।

🔷लोक अदालत में किन-किन मामलों का होगा निपटारा?

नेशनल लोक अदालत में ऐसे प्रकरण लिए जाते हैं जिनमें आपसी सहमति संभव हो। सिवनी जिले में निम्न प्रकार के मामलों को इस बार शामिल किया गया है:

  1. समझौता योग्य दाण्डिक प्रकरण

ऐसे मामले जिनमें पक्षकार सहमति से समझौता कर सकते हैं और जिनकी प्रकृति गंभीर अपराधों से संबंधित नहीं होती।

  1. चेक अनादरण (धारा138एन.आई.ए.) के प्रकरण

व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत स्तर पर चेक बाउंस मामलों का समाधान त्वरित रूप से कराया जाएगा, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिल सके।

  1. मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (MACT)

वाहन दुर्घटना से संबंधित क्षतिपूर्ति दावों में त्वरित समाधान के लिए यह मंच अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।

  1. वैवाहिक एवं पारिवारिक प्रकरण

परिवार से जुड़े विवादों — जैसे भरण-पोषण, अलगाव, संपत्ति विभाजन या पारिवारिक सहमति — में आपसी समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

  1. सिविल प्रकृति के प्रकरण

जैसे भूमि विवाद, पैसा वापसी, अनुबंध विवाद, सिविल दावे आदि।

  1. विद्युत एवं जलकर प्रकरण

विद्युत बकाया, बिल विवाद, जुर्माना संबंधित मामलों में नियमों के अनुसार विशेष छूट भी दी जाएगी।

  1. बैंक वसूली प्रकरण

लोन, कर्ज, ईएमआई या अन्य वित्तीय बकाया वाले मामलों को बैंक और उपभोक्ता के बीच सुलह करके निपटाया जाएगा।

  1. श्रम विवाद

कर्मचारियों और संस्थानों के बीच उत्पन्न देयक, वेतन, सेवा-सम्बंधित विवादों को सहमति से हल किया जाएगा।

  1. शमनीय विधिक/दाण्डिक अपीलें

ऐसी अपीलें जिनमें समझौते की गुंजाइश हो और दोनों पक्ष अदालत के बाहर समाधान चाहते हों।

  1. न्यायालय में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण

सिर्फ लंबित ही नहीं, बल्कि अदालत में जाने से पहले यानी प्रीलिटिगेशन स्तर पर मौजूद विवाद भी लोक अदालत में रखे जाएंगे।

🔶प्रीलिटिगेशन मामलों के समाधान पर विशेष जोर

अक्सर कई मामले अदालत तक पहुँचने से पहले ही दोनों पक्षों की सहमति से हल हो सकते हैं। नेशनल लोक अदालत इस कार्य को तेज और सरल बनाती है।

प्रीलिटिगेशन मामलों के समाधान से —

  • समय की बचत होती है
  • अदालत का बोझ कम होता है
  • पक्षकारों में आपसी समझ बढ़ती है
  • अनावश्यक वाद-व्यय बचता है
  • मामला वर्षों तक लंबित नहीं रहता

सिवनी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस बार बड़ी संख्या में प्रीलिटिगेशन मामलों को शामिल कर रहा है ताकि अधिकतम नागरिकों को तत्काल राहत मिल सके।

🔥विद्युत प्रकरणों में बड़ी छूट: आमजन के लिए राहत

इस बार नेशनल लोक अदालत का सबसे बड़ा आकर्षण विद्युत प्रकरणों में नियमानुसार दी जाने वाली बड़ी छूट है।
इनमें शामिल हैं:

  • बकाया बिल पर छूट
  • सरचार्ज में राहत
  • जुर्माने में आंशिक छूट
  • किश्तों पर भुगतान की सुविधा

यह कदम उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो किसी कारणवश समय पर बिल जमा नहीं कर पाए और उनके ऊपर भारी बकाया बढ़ गया।

🔷लोक अदालत में समाधान की प्रक्रिया कैसे होगी?

लोक अदालत में निपटारा पूरी तरह
✔ स्वैच्छिक
✔ आपसी सहमति
✔ कानूनी रूप से वैध
✔ भविष्य में अंतिम

होता है। दोनों पक्षों को अपनी बात रखने तथा समाधान स्वीकार करने की पूरी स्वतंत्रता मिलती है।

कार्यप्रणाली इस प्रकार होगी:

  1. दोनों पक्षों की उपस्थिति
  2. दस्तावेज़ों की जाँच
  3. न्यायाधीशों व पैनल सदस्यों द्वारा मध्यस्थता
  4. समाधान की लिखित सहमति
  5. निर्णय का कानूनी प्रभाव — जो अंतिम होता है और उच्च अदालत में चुनौती योग्य नहीं होता

🔶जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिवनी के सचिव श्री रवि नायक ने जिले के नागरिकों से विशेष अपील की है कि—

“जिन व्यक्तियों के न्यायालय में या न्यायालय के बाहर प्रीलिटिगेशन स्तर पर प्रकरण लंबित हैं, वे 13 दिसम्बर को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अवश्य उपस्थित होकर आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से अपने प्रकरणों का निराकरण करा सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि लोक अदालत आम नागरिकों को तेज और किफायती न्याय का अवसर प्रदान करती है। जिससे वर्षों तक लंबित रहने वाले विवाद एक ही दिन में सुलझ जाते हैं।

🔷लोक अदालत क्यों है महत्वपूर्ण?

समय की बचत

लंबे समय तक चलने वाले मामलों में जल्द समाधान मिलता है।

कम लागत से न्याय

अतिरिक्त खर्च, फीस, प्रक्रिया शुल्क आदि से राहत।

न्यायालयों का बोझ कम

हजारों मामलों को एक ही दिन में निपटाने से अदालतों पर दबाव घटता है।

आपसी रिश्तों में सुधार

समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त होने से पक्षकारों में संवाद व विश्वास बढ़ता है।

कानूनी वैधता

लोक अदालत में दिया गया निर्णय उसे स्वीकारने वाले दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होता है।

🔶सिवनी जिले में होने वाला यह आयोजन क्यों खास है?

सिवनी, लखनादौन, घंसौर और केवलारी — चारों न्यायालय परिसरों में जिला स्तरीय व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।
इस बार—

  • अधिक मामलों को शामिल करने की तैयारी
  • बिजली, बैंक, वाहन दुर्घटना और पारिवारिक मामलों के लिए विशेष काउंटर
  • वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा मॉनिटरिंग
  • महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए मदद केंद्र
  • दस्तावेज़ सत्यापन हेतु त्वरित डेस्क
  • पक्षकारों के लिए हेल्पलाइन

कुल मिलाकर, 13 दिसम्बर को जिलेभर में न्याय की तेज प्रक्रिया देखने को मिलेगी।

🔷आमजन को क्या करना होगा?

लोक अदालत में अपने प्रकरण का निराकरण कराने के लिए व्यक्तियों को निम्न निर्देशों का पालन करना चाहिए:

  • आवश्यक दस्तावेज़ साथ रखें
  • निर्धारित तिथि 13दिसम्बर2025 को समय पर न्यायालय परिसर पहुँचें
  • संबंधित काउंटर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ
  • यदि मामला बिजली, बैंक या पारिवारिक विवाद से जुड़ा है, तो संबंधित अधिकारी से पहले चर्चा करें
  • आपसी सहमति के लिए खुले मन से संवाद करें
  • समाधान मिलने पर लिखित रूप में सहमति दें

Conclusion /निष्कर्ष

13 दिसम्बर 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत सिवनी जिले के नागरिकों के लिए तेज, सहज और किफायती न्याय प्राप्त करने का बड़ा अवसर है। दाण्डिक, सिविल, बैंक, विद्युत, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना और प्रीलिटिगेशन जैसे अनेक मामलों का समाधान सुलह-सहयोग की प्रक्रिया से किया जाएगा। विद्युत प्रकरणों में दी जाने वाली विशेष छूट आमजन के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने लंबित मामलों को सहमति के माध्यम से सुलझाएँ और न्यायिक प्रक्रिया का लाभ उठाएँ।