लोकतंत्र की मजबूत नींव—सही मतदाता सूची
(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)। भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में चुनावों की पवित्रता और पारदर्शिता का आधार सटीक और अद्यतन मतदाता सूची होती है। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग समय-समय पर देशभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कराता है।
मध्यप्रदेश में भी यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिसकी समीक्षा के लिए शनिवार, 29 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
शनिवार को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन ने की।
बैठक में प्रदेश के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारी, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव और निर्वाचन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था—
- जिलों में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रगति का आकलन
- डिजिटाइजेशन कार्य की स्थिति
- फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियों की समीक्षा
- बीएलओ कार्य प्रबंधन
- निर्धारित समय सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करना
तीन जिलों ने100%डिजिटाइजेशन कर बनाया रिकॉर्ड
बैठक के दौरान श्री जादौन ने बताया कि प्रदेश के तीन जिलों—
- अशोकनगर
- बैतूल
- नीमच
ने 100प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा कर लिया है।
यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, क्योंकि डिजिटाइजेशन चुनाव प्रबंधन को पारदर्शी, सटीक और अधिक प्रभावी बनाता है। डिजिटल रिकॉर्ड से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि किसी भी तरह की मानवीय त्रुटि की संभावना भी कम होती है।
क्या है डिजिटाइजेशन?
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, सुधार करने और नई प्रविष्टियाँ बनाने की पूरी प्रक्रिया को कम्प्यूटरीकृत करना ही डिजिटाइजेशन कहलाता है। इससे—
- मतदाताओं की जानकारी सुरक्षित रहती है
- गलतियों को तुरंत सुधारा जा सकता है
- चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है
अन्य44जिलों में90%से अधिक प्रगति
मध्यप्रदेश के अन्य 44जिलों में भी डिजिटाइजेशन और पुनरीक्षण कार्य 90%से अधिक पूरा हो चुका है। यह बताता है कि जिले चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगातार सक्रिय हैं।
श्री जादौन ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और सभी संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा की।
मतदाताओं से अपील: फॉर्म-6और फॉर्म-8समय पर भरें
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि जिन मतदाताओं—
- का निवास परिवर्तन हुआ है
- जिनके मतदाता कार्ड में त्रुटि है
- जिनकी विवाह अथवा अन्य कारणों से नई जगह पर प्रविष्टि चाहिए
- या नया नाम जुड़वाना चाहते हैं
वे तुरंत बीएलओ (Booth Level Officer) से संपर्क कर जरूरी फॉर्म भरें।
कौन सा फॉर्म किसके लिए?
| फॉर्म | उपयोग |
| फॉर्म-6 | नए मतदाता पंजीकरण के लिए |
| फॉर्म-8 | सुधार, संशोधन या स्थानांतरण के लिए |
ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध
मतदाता अब यह प्रक्रिया स्वयं भी ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं:
- eci.gov.in
- mp.gov.in
इन पोर्टलों पर पहचान, निवास और आयु प्रमाण से संबंधित दस्तावेज़ अपलोड कर आसानी से आवेदन किया जा सकता है।
बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
पुनरीक्षण कार्य की सफलता का सबसे बड़ा आधार बीएलओ (Booth Level Officer) हैं।
बैठक में यह निर्देश दिया गया कि—
- यदि किसी भी बीएलओ की सेवा अवधि में मृत्यु हो जाती है,
- तो उनके दावे, पारिश्रमिक,
- तथा परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति
की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी की जाए।
यह कदम विभाग की संवेदनशीलता और कर्मचारियों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
ग्वालियर,इंदौर और भोपाल को विशेष निर्देश
हालाँकि अधिकांश जिलों की प्रगति संतोषजनक पाई गई,
लेकिन तीन प्रमुख जिलों—
- ग्वालियर
- इंदौर
- भोपाल
को काम की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
चूंकि ये जिले जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज से बड़े और घनी आबादी वाले हैं, इसलिए पुनरीक्षण कार्य अपेक्षाकृत जटिल होता है।
निर्देशों के मुख्य बिंदु—
- शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन निर्धारित समय में पूरा किया जाए
- बीएलओ स्तर पर कार्य की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए
- दावे-आपत्तियों का त्वरित निपटारा किया जाए
- फील्ड विजिट और सत्यापन प्रक्रिया तेज की जाए
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
विशेष गहन पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें—
- पुराने, दोहराए गए या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं
- नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं
- त्रुटियों और दस्तावेजों का मिलान किया जाता है
- हर घर-घर जाकर सत्यापन किया जाता है
इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अप-टू-डेट और त्रुटिरहित बनाया जाता है।
क्यों जरूरी है मतदाता सूची का अद्यतन होना?
एक अद्यतन मतदाता सूची—
- चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती है
- गलत मतदान की संभावनाओं को रोकती है
- नए मतदाताओं को लोकतंत्र में सहभागी बनाती है
- जनसंख्या और निवास आंकड़ों का सही प्रतिनिधित्व करती है
हर चुनाव की विश्वसनीयता मतदाता सूची की सटीकता पर ही निर्भर करती है।
मतदाताओं के लिए आवश्यक सुझाव
मतदाता यदि जल्द आवेदन करना चाहते हैं, तो उन्हें:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण
- आयु प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
साथ रखना चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन में दस्तावेजों की स्कैन कॉपी भी जरूरी होती है।
फील्ड अधिकारियों के लिए समीक्षा बैठक का महत्व
इस प्रकार की समय-समय पर आयोजित समीक्षा बैठकें यह सुनिश्चित करती हैं कि—
- जिला स्तर पर कार्य प्रगति स्पष्ट बनी रहे
- किसी भी प्रकार की देरी का तुरंत समाधान हो
- अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
- अंतिम समय में कोई समस्या उत्पन्न न हो
ऐसी बैठकों से टीमों को प्रोत्साहन भी मिलता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मध्यप्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है और अधिकांश जिलों ने उत्कृष्ट प्रगति दिखाई है।
अशोकनगर, बैतूल और नीमच का 100% डिजिटाइजेशन उदाहरण प्रस्तुत करता है, जबकि अन्य जिलों ने भी 90% से अधिक कार्य पूरा कर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।
निर्वाचन विभाग की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम नागरिक आसानी से मतदाता सूची में संशोधन या नई प्रविष्टि करवा सकते हैं।
निर्धारित समय सीमा में यह पुनरीक्षण पूरा हो जाए, इसके लिए बड़े जिलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
यह पूरा अभियान लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता को कायम रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हर्ष वर्धन वर्मा का नाम टीकमगढ़ जिले में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद एक बार फिर पत्रकारिता में सक्रियता बना रहे हैं हर्ष वर्धन वर्मा . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





