MP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 IAS अधिकारियों के तबादले, कर्मवीर शर्मा बने भोपाल आयुक्त, आलोक सिंह CMO से हटे

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए 29 IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया कमिश्नर बनाया गया है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव रहे आलोक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई है। इस निर्णय से राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया बड़ा तबादला आदेश

(स्वाति खरे)

भोपाल (साई)।मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 17 जून को जारी आदेश के तहत कई प्रमुख विभागों, संभागीय कार्यालयों और प्रशासनिक संस्थाओं में नई नियुक्तियां की गई हैं।

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IAS Transfer

इस प्रशासनिक फेरबदल का सबसे चर्चित पहलू मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सचिव पद पर कार्यरत रहे वरिष्ठ IAS अधिकारी आलोक कुमार सिंह का स्थानांतरण रहा। उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर अब पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक, भोपाल का दायित्व सौंपा गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य सरकार के सबसे अहम निर्णय केंद्रों में से एक माना जाता है।

भोपाल संभाग को मिला नया कमिश्नर, कर्मवीर शर्मा संभालेंगे जिम्मेदारी

तबादला सूची के अनुसार IAS अधिकारी कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया आयुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आयुक्त सह संचालक के पद पर कार्यरत थे।

भोपाल संभाग प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्रों में शामिल है क्योंकि इसमें राजधानी क्षेत्र की व्यवस्थाओं की निगरानी भी शामिल होती है। ऐसे में कर्मवीर शर्मा की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वहीं उनके स्थान पर भास्कर लक्षकार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आयुक्त सह संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे कोष एवं लेखा विभाग में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।

रीवा संभाग में भी बदला प्रशासनिक नेतृत्व

मध्य प्रदेश सरकार ने रीवा संभाग में भी बड़ा बदलाव किया है। IAS अधिकारी शीलेंद्र सिंह को रीवा संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वे पहले नगरीय विकास एवं आवास विभाग में सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

उनकी जगह बाबू सिंह जामोद को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है। बाबू सिंह जामोद इससे पहले रीवा संभाग के आयुक्त थे। इस बदलाव से नगरीय विकास और क्षेत्रीय प्रशासन दोनों स्तरों पर नई कार्यशैली और प्राथमिकताओं की उम्मीद की जा रही है।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग में संजीव सिंह को मिली जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने खेल और युवा कल्याण विभाग में भी बदलाव किया है। संजीव सिंह को इस विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वे पहले भोपाल संभाग के कमिश्नर के रूप में कार्य कर रहे थे।

उनकी नियुक्ति के बाद खेल विभाग में पहले से अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारियों को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। इससे विभागीय कार्यों में स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने और योजनाओं के संचालन में सुविधा मिलने की संभावना है।

जेल विभाग में हुआ अहम परिवर्तन

तबादला आदेश में जेल विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वरिष्ठ IAS अधिकारी मुकेश चंद्र गुप्ता को मध्य प्रदेश शासन के जेल विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।

इसके साथ ही उन्हें राजस्व मंडल ग्वालियर के सदस्य का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे पहले वे मानव अधिकार आयोग में सचिव के रूप में कार्यरत थे।

यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और सुधार संबंधी योजनाओं के संचालन में प्रमुख सचिव की भूमिका बेहद अहम होती है।

राजस्व और खनिज जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए चेहरे

राजस्व विभाग में डॉ. ई. रमेश कुमार को प्रमुख सचिव बनाया गया है। इसके साथ उन्हें राहत आयुक्त एवं पुनर्वास आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। साथ ही पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का अतिरिक्त दायित्व भी उन्हें सौंपा गया है।

वहीं विवेक कुमार पोरवाल को खनिज साधन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। पहले वे राजस्व विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

राजस्व और खनिज विभाग राज्य सरकार के राजस्व संग्रह, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और विकास योजनाओं से सीधे जुड़े होते हैं। ऐसे में इन विभागों में हुए बदलाव प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

ऊर्जा और सहकारिता विभाग में भी बदलाव

मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम में भी नया नेतृत्व नियुक्त किया गया है। अमित तोमर को ऊर्जा विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। साथ ही उन्हें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

इसके अलावा दीपक सिंह को आयुक्त सह पंजीयक सहकारी संस्थाएं बनाया गया है। वे पहले राज्य निर्वाचन आयोग में सचिव के रूप में कार्यरत थे।

पूर्व पदाधिकारी मनोज पुष्प को अब लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य विभिन्न विभागों में प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करना माना जा रहा है।

महिला IAS अधिकारियों को भी मिली अहम जिम्मेदारी

तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नेहा मारव्या सिंह को आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं का संचालक बनाया गया है।

इसके अलावा प्रीति जैन को इंदौर में संयुक्त आयुक्त लिटिगेशन एवं समन्वय, हर्षिका सिंह को बजट विभाग में संचालक तथा भारती जाटव ओगरे को स्कूल शिक्षा विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है।

शैली कनाश को माध्यमिक शिक्षा मंडल में संभागीय सचिव और रानी बाटड़ को श्रम विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था में महिला अधिकारियों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

अतिरिक्त प्रभार के फैसले भी रहे महत्वपूर्ण

सरकार ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। के.सी. गुप्ता को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के साथ कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

अनिरुद्ध मुखर्जी को पर्यावरण विभाग और पर्यावरण आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं गुलशन बामरा को जनजातीय कार्य विभाग के साथ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार मिला है।

इन नियुक्तियों के बाद कुछ अधिकारियों को पहले से संभाले जा रहे अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है। इससे विभागों के कार्य विभाजन को अधिक स्पष्ट बनाने का प्रयास किया गया है।

प्रशासनिक बदलाव के पीछे क्या हैं संभावित कारण

सरकार समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों, अधिकारियों के अनुभव और विभागीय आवश्यकताओं के आधार पर तबादले करती रहती है। बड़े स्तर पर होने वाले ऐसे फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में गति लाना, जवाबदेही बढ़ाना और विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना होता है।

इस बार किए गए तबादले में राजस्व, ऊर्जा, खनिज, सहकारिता, खेल, जेल और नगरीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में काम कर रही है।

आम जनता और शासन व्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर

प्रशासनिक बदलावों का प्रभाव केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका असर विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और स्थानीय प्रशासन के कामकाज पर भी पड़ता है।

नए अधिकारी अपनी कार्यशैली और प्राथमिकताओं के अनुसार विभागों में नई योजनाओं को गति दे सकते हैं। साथ ही लंबित परियोजनाओं और प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान के लिए नए दृष्टिकोण अपनाए जाने की संभावना रहती है।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 29 IAS अधिकारियों के तबादले का यह फैसला राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया कमिश्नर बनाए जाने और आलोक कुमार सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर नई जिम्मेदारी दिए जाने जैसे फैसले इस फेरबदल के प्रमुख बिंदु हैं।

राजस्व, ऊर्जा, खेल, जेल, सहकारिता और नगरीय विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई दिशा देखने को मिल सकती है। आने वाले समय में इन अधिकारियों की कार्यशैली और निर्णयों का असर प्रदेश की शासन व्यवस्था और विकास कार्यों पर दिखाई देगा।