(विद्याधर जाधव)
भोपाल (साई)। भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद ने 42,490 करोड़ रुपये से अधिक के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बैठक में शिक्षा, परिवहन, सिंचाई, उद्यानिकी और जनकल्याण से जुड़े 30 से अधिक योजनाओं को स्थायी निधि प्रदान की गई। यह निर्णय राज्य के सर्वांगीण विकास और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया।
विकास प्रस्तावों का विवरण
परिषद ने समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36,006 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी, जिससे पाँच वर्षों में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा का विस्तार होगा। परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को 1,166 करोड़ रुपये और उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं को 491 करोड़ रुपये की निधि प्रदान की गई, जिससे सड़कों, पुलों और हरित क्षेत्रों का आधुनिकीकरण होगा। इसके अतिरिक्त, उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना को 1,846 करोड़ रुपये, सिंगरौली की गौंड सिंचाई परियोजना को 749 करोड़ रुपये और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई को 11 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।
शिक्षा एवं सिंचाई पहल
समग्र शिक्षा योजना के तहत अनूपपुर और शहडोल में उन्नत 4 हाई स्कूलों के लिए 36 नियमित पदों की व्यवस्था की गई, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। कृषि क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए जलसंधारण, जल वितरण और फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु आधुनिक तकनीकें अपनाई जाएँगी। इन निवेशों से किसानों की आय में वृद्धि और जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित होगा।
जनकल्याण और प्रशासनिक कदम
राज्य ने लाड़ली बहना को रक्षा बंधन पर 250 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करने का निर्णय समर्थन किया। रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के भुगतान के लिए ब्याज‑मुक्त ऋण की स्वीकृति भी दी गई। साथ ही, मैहर, मऊगंज एवं पांदुर्णा जिलों में खनिज के जिला कार्यालय स्थापना के लिए 21 नवीन पदों की स्वीकृति दी गई, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: राज्य सरकार • आयोजन: मंत्रि-परिषद बैठक • स्थान: भोपाल • मुख्य उद्देश्य: सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, जनकल्याण • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 42,490 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों की मंजूरी, शिक्षा, सिंचाई, उद्यानिकी में बड़े निवेश • लक्ष्य: सतत आर्थिक वृद्धि, बेहतर सार्वजनिक सेवाएँ, ग्रामीण‑शहरी संतुलन
आगे भी राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण, आधुनिक तकनीक अपनाने और नियमित समीक्षा के माध्यम से संचालन में उत्कृष्टता और सतत विकास को सुनिश्चित करने पर बल देगी। इन व्यापक निवेशों से प्रदेश की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।