✅ मैहर में सीवरेज परियोजना का महत्व
(ब्यूरो कार्यालय)
मैहर (साई)। मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित माता शारदा की नगरी मैहर धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था का सुदृढ़ होना समय की मांग है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से मैहर सीवरेज परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।
यह परियोजना जनस्वास्थ्य सुधार और सतत नगरीय विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके तहत लगभग 15हजार घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 75हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
✅ 160 करोड़ रुपये की एडीबी परियोजना
इस परियोजना की कुल लागत 160करोड़ 34लाख रुपये है। इसमें केवल निर्माण ही नहीं बल्कि 10वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
- अब तक 104किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है।
- कुल लंबाई 130किलोमीटर प्रस्तावित है।
- अनुमान है कि शेष कार्य भी तय समयसीमा में पूरा हो जाएगा।
✅ स्वच्छता और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव
सीवरेज परियोजना के पूर्ण होने पर –
- नालियों में गंदा पानी बहने की समस्या समाप्त होगी।
- जल जनित बीमारियों में कमी आएगी।
- शहर की सड़कों और नालियों की स्वच्छता सुनिश्चित होगी।
- वातावरण अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनेगा।
यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन और सतत नगरीय विकास (Sustainable Urban Development) की दिशा में एक ठोस कदम है।
✅ श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को लाभ
मैहर न केवल स्थानीय नागरिकों का घर है, बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। यहां माता शारदा देवी मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वच्छता और शुद्ध परिवेश का लाभ मिलेगा।
- दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा।
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- शहर की छवि एक स्वच्छ और आधुनिक नगरी के रूप में उभरेगी।
✅ स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर
सीवरेज नेटवर्क के अभाव में गंदे पानी का रिसाव और नालियों का ओवरफ्लो अक्सर डेंगू,मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का कारण बनता है।
इस परियोजना के लागू होने पर –
- जलजनित रोगों में कमी आएगी।
- नागरिकों का स्वास्थ्य स्तर सुधरेगा।
- स्वास्थ्य पर खर्च होने वाले खर्चों में कमी होगी।
✅ रोजगार और आर्थिक दृष्टि से लाभ
इस तरह की बड़ी परियोजनाएं केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का भी माध्यम बनती हैं।
- निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों और इंजीनियरों को अवसर।
- रखरखाव और संचालन में स्थायी रोजगार।
- शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत होने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
✅ परियोजना और सरकार की दृष्टि
नगरीय विकास एवं आवास विभाग का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश के छोटे-बड़े सभी नगर आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त हों।
मैहर परियोजना इसका एक सशक्त उदाहरण है –
- यह केवल तकनीकी ढांचा नहीं, बल्कि जनजीवन सुधार की पहल है।
- सरकार इसे मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में अन्य नगरों में भी लागू कर सकती है।
- इससे नगरीय विकास के नए मानक स्थापित होंगे।
✅ स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास से जुड़ाव
यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन (Clean India Mission) और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) दोनों से मेल खाती है।
- साफ-सफाई और स्वास्थ्य पर सीधा असर।
- जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा।
- पर्यावरण अनुकूल शहरीकरण की दिशा में बड़ा कदम।
📊 मुख्य बिंदु (Summary Points)
- 160करोड़ 34लाख रुपये की लागत से मैहर में सीवरेज परियोजना।
- 15हजार घरों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे 75 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
- 130किलोमीटर में से 104किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है।
- परियोजना में 10साल तक संचालन और संधारण की गारंटी।
- जल जनित रोगों में कमी और स्वच्छ परिवेश।
- श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों दोनों को लाभ।
- स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
मैहर सीवरेज परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि एक समग्र विकास की योजना है। इससे न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों का स्वास्थ्य स्तर भी ऊँचा होगा। धार्मिक नगरी मैहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और आधुनिक वातावरण मिलेगा, जिससे यहां का पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होंगे।
यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि सतत नगरीय विकास और स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं, बल्कि छोटे नगरों में भी तेजी से साकार हो रहा है।

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