1101 ट्रैक्टरों की ऐतिहासिक रैली के साथ कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ, CM डॉ. यादव ने खुद संभाली ट्रैक्टर की कमान

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1101 ट्रैक्टरों की ऐतिहासिक रैली के साथ कृषक कल्याण वर्ष 2026 का भव्य शुभारंभ किया। स्वयं ट्रैक्टर चलाकर उन्होंने किसानों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का संदेश दिया। कृषि विकास, किसान हित और बहु-विभागीय समर्थन को केंद्र में रखकर सरकार ने पूरे वर्ष किसानों की समृद्धि के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला घोषित की।

1101ट्रैक्टरों की अनोखी रैली बनी ऐतिहासिक क्षण

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)।राजधानी भोपाल ने रविवार को एक ऐसा दृश्य देखा जिसने राज्य की कृषि और किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 का औपचारिक शुभारंभ 1101 ट्रैक्टरों की विशाल, अनुशासित और उत्साहपूर्ण रैली के साथ किया। यह संख्या सिर्फ आयोजन की भव्यता का संकेत नहीं थी, बल्कि यह किसानों की सामूहिक ताकत और कृषि-उन्मुख राज्य की पहचान का प्रतीक बनी।

रैली में शामिल ट्रैक्टरों की पंक्तियाँ जब भोपाल की सड़कों पर आगे बढ़ रही थीं, तब वातावरण उत्साह, जोश और किसान-हित की उम्मीदों से सराबोर था। इस अनुशासित आयोजन ने प्रदेश में कृषि आधारित संस्कृति की मजबूती को दर्शाया।

मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं ट्रैक्टर चलानानेतृत्व का नया मानक

कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं एक किसान के ट्रैक्टर पर बैठकर गाड़ी चलाने का निर्णय लिया। यह दृश्य न सिर्फ किसानों के लिए सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि इससे मुख्यमंत्री की सरलता, संवेदनशीलता और किसानों के श्रम के प्रति आदर का संदेश पूरे राज्य तक पहुँचा।

ट्रैक्टर चालक ने जब मुख्यमंत्री को अपनी सीट ऑफर की तो कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लोगों ने मुख्यमंत्री को ‘किसान मुख्यमंत्री’ के रूप में अभिनंदित किया। यह भावनात्मक पल किसानों के मन में विश्वास और सरकार के प्रति आश्वस्ति को और गहरा कर गया।

कृषक कल्याण वर्ष2026—सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को विशेष रूप से ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के किसानों की आर्थिक, सामाजिक और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए नीतियाँ बनाना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस सिर्फ अधिक फसल उत्पादन पर नहीं है, बल्कि खेती को टिकाऊ, लाभकारी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है।

कृषक कल्याण वर्ष के लक्ष्य:

  • किसानों की आय में तेज वृद्धि
  • कृषि लागत में कमी
  • फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार
  • कृषि विपणन और भंडारण ढांचे को मजबूत करना
  • युवाओं में कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देना
  • तकनीकी उन्नयन और स्मार्ट खेती को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष में कुल 16विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे, ताकि कृषि से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ मजबूत किया जा सके।

मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर पर गर्व

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी उजागर किया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो देश के कई राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है। यह उपलब्धि राज्य की नीतियों, किसानों के परिश्रम और सरकारी प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की जेब में अधिक आय पहुँचे और खेती एक लाभदायक एवं सम्मानजनक व्यवसाय बने।

किसान-नारी-युवा-गरीब: चार स्तंभ विकास के

डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार की प्रमुख केंद्रीय नीतियों में किसान, नारी, युवा और गरीब मुख्य आधार हैं। इन चार वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम और योजनाएँ बनाई जा रही हैं, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और लाभ पहुँच सके।

प्रमुख नीतिगत फोकस:

  • महिला किसानों को वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण
  • युवाओं को एग्री-स्टार्टअप हेतु प्रोत्साहन
  • गरीब किसानों को राहत योजनाएँ
  • किसानों के लिए बीमा, सब्सिडी और समर्थन मूल्य की स्थिर व्यवस्था

जनता और किसानों की प्रतिक्रिया

1101 ट्रैक्टरों की यह ऐतिहासिक रैली जनता और किसानों के लिए गौरवपूर्ण क्षण बन गई। लोगों ने इसे किसान-सशक्तिकरण का अभूतपूर्व आयोजन बताया। किसानों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं ट्रैक्टर चलाना एक संदेश है कि राज्य का नेतृत्व जमीन से जुड़ा हुआ है और किसानों की कठिनाइयों को वास्तविक रूप से समझता है।

कई युवाओं और महिलाओं ने भी ट्रैक्टर रैली में भाग लेकर कृषि क्षेत्र की नई ऊर्जा और बढ़ते परिवर्तन का संकेत दिया।

कृषि विशेषज्ञों की राय: बड़ा संदेश और बड़ा लक्ष्य

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि कृषक कल्याण वर्ष का घोषित होना सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार:

  • बहु-विभागीय समन्वय से कृषि क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियाँ हल होंगी।
  • उत्पादन से लेकर विपणन तक की व्यवस्था बेहतर होगी।
  • स्मार्ट खेती, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुधार और प्राकृतिक कृषि जैसे प्रयासों को गति मिलेगी।

विशेषज्ञों ने 1101 ट्रैक्टर की रैली को किसान समुदाय की शक्ति और एकजुटता का प्रतीक बताया।

वर्तमान हालात और भविष्य की दिशा

कृषि क्षेत्र लंबे समय से लागत बढ़ने, बाजार के उतार-चढ़ाव और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 वर्षभर चलने वाली योजनाओं की श्रृंखला के रूप में इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

सरकार ने संकेत दिया है कि इस वर्ष में:

  • नई कृषि नीतियाँ आएँगी
  • सिंचाई और जल संरक्षण परियोजनाओं में तेजी आएगी
  • किसानों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ेगी
  • कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र को मजबूत किए बिना समग्र विकास संभव नहीं।
इस वर्ष सरकार गांव, किसान और कृषि पर अधिक निवेश और जनभागीदारी बढ़ाएगी।

किसानों के लिए भरोसे और आशा का नया अध्याय

1101 ट्रैक्टरों की रैली सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और राज्य की कृषि क्षमता का प्रतीक बन गई है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं ट्रैक्टर चलाना किसानों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम रहा। यह आयोजन प्रदेश की कृषि नीति में नए अध्याय का संकेत देकर गया है।

8 निष्कर्ष

1101 ट्रैक्टरों की भव्य और ऐतिहासिक रैली के साथ कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ मध्य प्रदेश के कृषि इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वयं ट्रैक्टर चलाकर किसानों के साथ सीधे जुड़ना सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है। इस वर्ष के दौरान होने वाले योजनाबद्ध कार्य, किसानों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। यह आयोजन कृषि विकास, किसान सम्मान और ग्रामीण प्रगति के नए युग का आरंभ माना जा रहा है।