संभागीय बैठक से विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई गति – उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

रीवा संभागीय बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विकास परियोजनाओं को गति मिल रही है। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और जल जीवन मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्यों को समय सीमा में पूरा कर क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जाए।

(ब्यूरो कार्यालय)

रीवा (साई)। मध्यप्रदेश में विकास की दिशा को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से रीवा में संभागीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य था – बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उन्हें गति प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाना।

बैठक में ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना, त्योंथर फ्लो परियोजना, बिजली सुधार योजना, और जल जीवन मिशन जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए गए।

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर ये बैठकें की जा रही हैं ताकि संभाग के हर जिले में विकास कार्यों की गति तेज हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—

  • बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाइयों को दूर करने के लिए विभागीय समन्वय बनाया जाए।
  • संभागीय कमिश्नर हर माह बैठक कर भू अर्जन और अन्य आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
  • ऊर्जा विभाग आरडीएसएस योजना के अंतर्गत फीडर सेपरेशन और अन्य कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराए।

बिजली और ऊर्जा विभाग पर फोकस

बैठक में बिजली व्यवस्था को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से सीधी,सिंगरौली और रीवा जिले में बिजली कटौती और आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर चर्चा हुई।

मुख्य सुझाव:

  1. सीधी और सिंगरौली में पीपीपी मोड पर गौशालाओं का निर्माण
  2. विद्युत सब स्टेशन की नई स्थापना और अपग्रेडेशन।
  3. आरडीएसएस योजना में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई।
  4. बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्यवाही।

सड़क और रेलवे परियोजनाएँ

  • ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के तेजी से निर्माण पर बल दिया गया।
  • सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्णय हुआ।
  • कटनी से सिंगरौली फोरलेन सड़क, बरगवां से बैढ़न फोरलेन, और सतना-रीवा फोरलेन का अधूरा काम जल्द पूरा कराने पर जोर दिया गया।
  • सोहागी घाट की सड़क सुधार की योजना पर चर्चा की गई।

जल जीवन मिशन और सिंचाई योजनाएँ

पेयजल और सिंचाई की समस्या को देखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए:

  • गोंड़ सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
  • नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई और त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजनाओं की गुणवत्ता की जाँच की जाए।
  • टोंस बराज से किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • समूह नलजल योजना को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर चर्चा

बैठक में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया:

  • सतना में 650बिस्तर अस्पताल को मंजूरी मिलने पर आभार जताया गया।
  • सीधी जिले में ट्रांसफार्मर डिपो और सिंगरौली में 100बेड अस्पताल के निर्माण का सुझाव आया।
  • मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण की मांग उठाई गई।
  • छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने और नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया गया।

पर्यावरण और वन भूमि से जुड़े मुद्दे

  • जनप्रतिनिधियों ने वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति को सरल बनाने पर बल दिया।
  • बगदरा और सोन घड़ियाल अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने का सुझाव दिया गया ताकि विकास परियोजनाओं में बाधा न आए।
  • गौ अभ्यारण्य और मॉडल नर्सरी के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई।

जनप्रतिनिधियों के प्रमुख सुझाव

बैठक में सांसदों और विधायकों ने कई स्थानीय मुद्दे उठाए:

  • चित्रकूट और मैहर मेले के लिए बजट आवंटन।
  • भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने का प्रस्ताव।
  • सड़क सुधार, नलजल योजना, सोलर प्लांट निर्माण, और औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना पर जोर।
  • पुलिस बल में वृद्धि और बिजली बिलों में सुधार के मुद्दे भी उठाए गए।

प्रशासनिक समीक्षा

कमिश्नर बी.एस. जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रिक्त पदों की पूर्ति, पुनर्घनत्वीकरण योजना, और सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना जैसे मुद्दों की जानकारी दी गई।

निष्कर्ष (Conclusion)

रीवा संभागीय बैठक ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार विकास की गति तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और जल जीवन मिशन जैसी बुनियादी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए विभागों को ठोस निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और अधिकारियों के बीच हुए इस संवाद से उम्मीद है कि न केवल लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि नई योजनाओं के लिए भी रास्ता साफ होगा।

यह बैठक मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।