(जीता प्रीतम)
गुवहाटी (साई)। गीत जगत में गहरा शोक छा गया है। लोकप्रिय गायक, संगीतकार और अभिनेता जुबीन गर्ग (52वर्ष) का सिंगापुर में तैराकी के दौरान निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपने साथियों के साथ एक यॉट ट्रिप पर थे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधिकारिक रूप से इस दुखद समाचार की पुष्टि की।
⚡ हादसे की पूरी कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स और असम सरकार की ओर से दिए गए बयानों के अनुसार, जुबीन गर्ग 18 अन्य लोगों के साथ एक यॉट पर सवार होकर समुद्र में घूमने गए थे। इस दौरान समूह के कुछ लोग पानी में तैरने लगे।
- जुबीन गर्ग ने शुरू में लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन उन्होंने कुछ ही देर बाद इसे उतार दिया।
- उनका कहना था कि जैकेट ओवरसाइज़ (बहुत बड़ी) है और तैरने में दिक्कत दे रही है।
- यॉट क्रू और लाइफगार्ड्स ने बार-बार उन्हें चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया।
- कुछ देर बाद जुबीन गर्ग पानी में तैरते-तैरते लापता हो गए और बाद में उन्हें समुद्र में बेहोश अवस्था में पाया गया।
🏥 अस्पताल ले जाया गया
लाइफगार्ड्स ने तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया और उन्हें तुरंत सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
🗣️ मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा –
“जुबीन गर्ग हमारे राज्य की शान थे। उन्हें चेतावनी दी गई थी कि लाइफ जैकेट उतारना खतरनाक होगा, लेकिन उन्होंने इसे उतार दिया। यह दुर्घटना पूरे असम और भारत के लिए एक बड़ा नुकसान है।”
उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर प्रशासन ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है और जुबीन गर्ग के साथ मौजूद सभी 11 भारतीय नागरिकों से पूछताछ की जा रही है।
📜 अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि की तैयारियां
- मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि जुबीन गर्ग के पार्थिव शरीर को शनिवार शाम तक असम लाया जाएगा।
- उनके अंतिम दर्शन के लिए सरुसजाई स्टेडियम में पार्थिव शरीर रखा जाएगा।
- इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया परिवार और राज्य सरकार की सहमति से तय की जाएगी।
🎶 जुबीन गर्ग: संगीत का सफर
जुबीन गर्ग केवल असम ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी गायकी और बहुमुखी प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध थे।
- उन्होंने असमिया, हिंदी, बंगाली और अन्य भाषाओं में हजारों गाने गाए।
- हिंदी फिल्म “गंगस्टर” का उनका गाना “या अली” आज भी सुपरहिट माना जाता है।
- उन्हें असम में “रॉकस्टार ऑफ नॉर्थ-ईस्ट” के नाम से जाना जाता था।
🕯️ असम में शोक की लहर
उनके निधन की खबर सुनते ही असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में शोक की लहर दौड़ गई।
- ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
- लोगों ने सोशल मीडिया पर #RIPZubeenGarg और #LegendZubeenGarg जैसे हैशटैग ट्रेंड किए।
- कई जगहों पर कैंडल मार्च और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
📌 प्रमुख सवाल: क्या रोकी जा सकती थी यह त्रासदी?
इस हादसे ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं –
- अगर जुबीन गर्ग ने लाइफ जैकेट नहीं उतारी होती, तो क्या यह दुर्घटना टल सकती थी?
- क्या क्रू मेंबर्स और गार्ड्स को और सख्ती दिखानी चाहिए थी?
- भारत सरकार और राज्य सरकार इस घटना की गहराई से जांच करवाएंगी या नहीं?
🌐 अंतरराष्ट्रीय पहलू
चूंकि हादसा सिंगापुर में हुआ है, इसलिए वहां की कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम और पूछताछ पूरी होने के बाद ही शरीर भारत लाया जाएगा। भारतीय उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
📊 आर्थिक और सांस्कृतिक नुकसान
जुबीन गर्ग का निधन केवल संगीत प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि असम की संस्कृति और पर्यटन उद्योग के लिए भी बड़ा नुकसान है।
- वे असम की सांस्कृतिक पहचान थे।
- उनके गाने राज्य की पर्यटन और सांस्कृतिक छवि को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करते थे।
🙏 जुबीन गर्ग की विरासत
- जुबीन गर्ग ने हजारों युवाओं को संगीत में करियर बनाने की प्रेरणा दी।
- उनकी आवाज, अंदाज और स्टेज परफॉर्मेंस हमेशा याद किए जाएंगे।
- वे न केवल गायक, बल्कि अभिनेता, संगीतकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे।
🏁 निष्कर्ष
असम के महान गायक जुबीन गर्ग का सिंगापुर में तैराकी हादसे में निधन एक अपूरेय क्षति है। लाइफ जैकेट उतारने के उनके फैसले ने इस त्रासदी को जन्म दिया। हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन इतना निश्चित है कि जुबीन गर्ग की आवाज और उनका योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।

हर्ष वर्धन वर्मा का नाम टीकमगढ़ जिले में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद एक बार फिर पत्रकारिता में सक्रियता बना रहे हैं हर्ष वर्धन वर्मा . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.




