दिल्ली में गडकरी की अध्यक्षता में मप्र के राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा कल, सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने के लिए 5 जनवरी को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी। बैठक में 61 चल रही परियोजनाओं, लंबित स्वीकृतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी। इससे सड़क कनेक्टिविटी, निवेश और आम यातायात को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

(विनीत खरे)

नई दिल्ली (साई)।मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम 5 जनवरी 2026 को उठाया जा रहा है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम परिसर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें मध्यप्रदेश में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए निर्णायक बैठक बताया है, जिससे केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय और मजबूत होगा और आम नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।

मध्यप्रदेश देश के भौगोलिक केंद्र में स्थित है और यहां से उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम की ओर जाने वाले प्रमुख परिवहन मार्ग गुजरते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का सशक्त होना राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पिछले एक दशक में राज्य में कई हाईवे परियोजनाएं शुरू हुईं, लेकिन भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण स्वीकृति और तकनीकी कारणों से कुछ परियोजनाएं प्रभावित रहीं। इन्हीं बाधाओं को दूर करने के लिए यह समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

प्रदेश में इस समय कुल 61राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं:

  • 33परियोजनाएं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत
  • 28परियोजनाएं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत

इन परियोजनाओं में चौड़ीकरण, नई सड़कें, बाईपास, फ्लाईओवर और पुल शामिल हैं।

बैठक का एजेंडा क्या रहेगा

समीक्षा बैठक में विशेष रूप से निम्न विषयों पर चर्चा होगी:

  • लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों का समाधान
  • पर्यावरण और वन स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज करना
  • निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी
  • भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग योजनाओं की रूपरेखा

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजनाएं समय पर पूरी हों और लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो।

प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव

यह बैठक केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक है। इससे:

  • निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी
  • फाइलों की लंबित स्थिति कम होगी
  • अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी

राजनीतिक रूप से भी यह संकेत देता है कि बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 9,300किलोमीटर से अधिक है। यह नेटवर्क:

  • औद्योगिक क्लस्टर्स को जोड़ता है
  • पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाता है
  • कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करता है

विश्लेषकों के अनुसार सड़क अवसंरचना में निवेश से हर 1 रुपये के निवेश पर अर्थव्यवस्था में कई गुना गति आती है।

आम जनता पर असर

बेहतर सड़कों से आम लोगों को कई लाभ होंगे:

  • यात्रा समय में कमी
  • ईंधन की बचत
  • दुर्घटनाओं में कमी
  • ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी

इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

आने वाले वर्षों में सरकार का फोकस रहेगा:

  • स्मार्ट हाईवे
  • हरित और सुरक्षित सड़कें
  • इलेक्ट्रिक वाहन फ्रेंडली मार्ग
  • लॉजिस्टिक्स हब का विकास

यदि योजनाएं सफल रहीं तो मध्यप्रदेश परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।

निष्कर्ष / Conclusion

5 जनवरी की समीक्षा बैठक केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक और सामाजिक भविष्य को दिशा देने वाली प्रक्रिया है। इससे न केवल सड़क परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा को भी नई रफ्तार मिलेगी।