कब किया जाएगा ब्रम्हलीन हुईं माताओं का श्राद्ध? जानें तिथि, समय और तर्पण नियम

गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी आत्मा एक लंबा सफर तय करती है। सबसे पहले तो आत्मा को यमलोक लेकर जाया जाता है। इसके बाद यमराज के सामने उसके कर्मों का हिसाब किताब होता है। अगर आपके कर्म बुरे हैं तो आपकी आत्मा को यमदूत सजा देते हैं। वहीं अगर आपके कर्म आच्छे हैं तो आपका सफर काफी आरामदायक रहता है। आपको बता दें कि मृत्यु के बाद आत्मा को यमराज तक पहुंचने के लिए करीब 86 हजार योजन की दूरी तय करनी पड़ती है।