एक दिन ट्रेन में यात्रा करते समय मैंने देखा कि पेंटिंग वाली वार्निंग बोर्ड पर लिखा था:
“बिना टिकट सफर करने वाले यात्री होशियार!”
सरदारजी जो पास ही बैठे थे, वो यह लाइन पढ़कर बिफर गए।
- सरदारजी: “वाह जी! ये क्या बात हुई! बिना टिकट सफर करने वाले होशियार हैं, और हमने टिकट लिया तो हम बेवकूफ हैं!”
संवाद1 (दोस्त-दोस्त):
- दोस्त 1: “भाई, सरदारजी की समझ तो हद ही हो गई।”
- दोस्त 2: “हाँ यार, टिकट लेने के बाद ही खुद को बेवकूफ समझना पड़ता है!”
सरदारजी ने तुरंत अपनी नोटबुक निकाली और बड़े धैर्य से लिखने लगे:
- “आज से मैं भी बिना टिकट सफर करूँगा, ताकि होशियार बन सकूँ।”
हास्य के पलों में:
- पत्नी-पति संवाद:
- पत्नी: “ससुर जी, आप क्या कर रहे हैं?”
- पति: “बिना टिकट का अनुभव ले रहे हैं, ताकि होशियार बन सकूँ!”
बुलेट पॉइंट्स फनी इफेक्ट के लिए:
- बोर्ड = मजेदार चेतावनी।
- सरदारजी = हँसी का कारण।
- टिकट लेना = बेवकूफ बनने का संकेत।
- ट्रेन यात्रा = हँसी का परफेक्ट माहौल।
संवाद2 (टीचर-स्टूडेंट शैली):
- टीचर: “बच्चों, बिना टिकट सफर करना सही है क्या?”
- स्टूडेंट: “टीचर, सरदारजी के अनुसार यह तो होशियार बनना है!”
Conclusion /निष्कर्ष:
ट्रेन में चेतावनी और सरदारजी की प्रतिक्रिया दिखाती है कि कैसे छोटी-सी बात भी हँसी का बड़ा कारण बन सकती है।
- पंचलाइन 1: “बिना टिकट होशियार, टिकट लेने वाले बेवकूफ – ट्रेन फनी जोक्स की यही तो मज़ा है!”
- पंचलाइन 2: “सरदारजी ने साबित कर दिया कि हँसी में कोई टिकट नहीं होता!”
साई फीचर्स के इस फनी जोक ने यह दिखाया कि ट्रेन यात्रा और चेतावनी बोर्ड भी हँसी का सबसे बड़ा माध्यम बन सकते हैं।
ट्रेन में वार्निंग लिखी थी. . .
बिना टिकिट सफर करने वाले यात्री होशियार!
सरदारजी इतनी लाइन पढ़ कर बिफर गये :
वाहजी ये कोई बात हुई बिना टिकिट सफर करने वाला होशियार,
हमने टिकिट लिया तो हम बेवकूफ :
(साई फीचर्स)

लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं प्रीति भोसले, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि में पत्रकारिता करने के साथ ही समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से जुड़ी हुई हैं, प्रीति भोसले ….
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





