आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसी सबसे अच्छी दवा मानी जाती है। अगर आप भी अपने चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं, तो यह मजेदार चुटकुला आपके लिए है।
जब संता जी ने पढ़ी ट्रेन की चेतावनी…
एक बार संता जी ट्रेन में सफर कर रहे थे। उनकी नजर डिब्बे में लिखी एक चेतावनी पर पड़ी।
उस पर लिखा था—
“बिना टिकट सफर करने वाले यात्री होशियार…”
संता जी ने इतना पढ़ा और तुरंत नाराज हो गए।
संता जी बोले—
“वाह जी! ये भी कोई बात हुई?”
“बिना टिकट सफर करने वाला होशियार…”
“और हमने टिकट लिया तो हम बेवकूफ हैं क्या?”
यह सुनते ही पूरे डिब्बे में बैठे यात्री जोर-जोर से हंसने लगे।
कई बार किसी बात का मतलब समझने से पहले ही निष्कर्ष निकाल लेना ऐसी ही मजेदार स्थितियां पैदा कर देता है। संता जी की यही मासूमियत इस चुटकुले को खास बनाती है।
जिंदगी में मुस्कुराने के मौके तलाशते रहिए, क्योंकि एक छोटी सी हंसी भी पूरे दिन को बेहतर बना सकती है।
ऐसे ही मजेदार चुटकुले आपके चेहरे पर मुस्कान और मन में ताजगी बनाए रखते हैं।
(साई फीचर्स)