श्री श्याम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव: सिवनी में 15 जून को होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान, भव्य भजन संध्या आकर्षण का केंद्र

सिवनी के नागपुर रोड स्थित ऑरेंज सिटी कॉलोनी में नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर के तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत 15 जून 2026 को विभिन्न धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। दिनभर चलने वाले कार्यक्रमों में पूजन, हवन, सुंदरकांड पाठ एवं भव्य भजन संध्या शामिल हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक समरसता को भी मजबूत करेगा।

सिवनी में धार्मिक उत्सव का माहौल,श्रद्धालुओं में उत्साह

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी शहर में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नागपुर रोड स्थित ऑरेंज सिटी कॉलोनी में नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर के तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार, 15 जून 2026 को विविध धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठानों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

श्री श्याम परिवार समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव को लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में परिवार सहित उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

वैदिक परंपराओं के अनुसार होंगे सभी धार्मिक अनुष्ठान

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 8:00 बजे गणेश-गौरी पूजन से होगी। सनातन परंपरा के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से की जाती है, इसलिए इस आयोजन का शुभारंभ भी इसी विधि से किया जाएगा।

इसके साथ ही विभिन्न देवी-देवताओं का आह्वान कर मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व विभिन्न वैदिक विधियों का संपन्न होना आवश्यक माना जाता है।

समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार:

  • प्रातः 8:00 बजे – गणेश-गौरी पूजन एवं देव आह्वान
  • प्रातः 11:00 बजे – जलाधिवास एवं सुगंधिवास
  • दोपहर 2:00 बजे – हवन पूजन
  • शाम 4:00 बजे – संगीतमय सुंदरकांड पाठ
  • शाम 6:30 बजे – पुष्पाधिवास
  • रात्रि 7:00 बजे – भव्य भजन संध्या

धार्मिक दृष्टि से यह सभी अनुष्ठान मंदिर स्थापना और देव विग्रहों में दिव्य चेतना के आवाहन की महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं मानी जाती हैं।

जलाधिवास एवं सुगंधिवास का विशेष महत्व

प्रातः 11 बजे आयोजित होने वाली जलाधिवास एवं सुगंधिवास की विधियां प्राण प्रतिष्ठा संस्कार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन प्रक्रियाओं के माध्यम से देव विग्रहों का शुद्धिकरण एवं आध्यात्मिक अभिषेक किया जाता है।

धार्मिक विद्वानों के अनुसार जलाधिवास में विग्रहों को पवित्र जल से अभिसिंचित कर दिव्यता का संचार किया जाता है, जबकि सुगंधिवास में विभिन्न सुगंधित द्रव्यों एवं पुष्पों के माध्यम से पूजन कर वातावरण को आध्यात्मिक बनाया जाता है।

इन अनुष्ठानों के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो जाएगा।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगा हवन पूजन

दोपहर 2 बजे आयोजित होने वाला हवन पूजन महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण रहेगा। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञीय परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

सनातन संस्कृति में हवन को वातावरण शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक कल्याण का माध्यम माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यज्ञ में दी गई आहुतियां वातावरण को पवित्र करने के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का भी विस्तार करती हैं।

आयोजन समिति ने बताया कि श्रद्धालु इस अनुष्ठान में भाग लेकर यज्ञ की पुण्यफल प्राप्ति कर सकेंगे।

संगीतमय सुंदरकांड पाठ से गूंजेगा मंदिर परिसर

दोपहर 4 बजे से श्री राम मंदिर सुंदरकांड समिति द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।

सुंदरकांड रामचरितमानस का वह भाग है जिसमें भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमानजी की वीरता, समर्पण और भक्ति का विस्तृत वर्णन मिलता है। धार्मिक दृष्टि से सुंदरकांड का पाठ संकटों के निवारण एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक माना जाता है।

संगीतमय शैली में प्रस्तुत किया जाने वाला यह पाठ श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेगा। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

पुष्पाधिवास की विशेष पूजा रहेगी आकर्षण

शाम 6:30 बजे पुष्पाधिवास की विशेष पूजा संपन्न होगी। इस अनुष्ठान में देव विग्रहों को विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं रंग-बिरंगे पुष्पों से अलंकृत किया जाएगा।

पुष्पाधिवास का उद्देश्य देव प्रतिमाओं के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट करना होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुष्पों की सुगंध एवं सौंदर्य वातावरण में सकारात्मकता और पवित्रता का संचार करते हैं।

यह आयोजन मंदिर परिसर को एक दिव्य और मनोहारी स्वरूप प्रदान करेगा।

भव्य भजन संध्या बनेगी मुख्य आकर्षण

रात्रि 7 बजे से आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जा रही है।

इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायक:

  • श्री मोनू अग्रवाल
  • श्री शैलू अग्रवाल
  • श्री उमंग शर्मा
  • श्री साहिल बघेल
  • कु. अनुशिखा अग्रवाल
  • श्री मयंक मयूर बिंदल (डोंगरगढ़)

अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

भजन संध्या में बाबा श्याम, भगवान श्रीराम एवं अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि संगीत और भक्ति का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।

भव्य श्रृंगार,दरबार एवं श्याम रसोई की व्यवस्था

महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

आयोजन स्थल पर:

  • बाबा श्याम का भव्य श्रृंगार
  • दिव्य एवं आकर्षक दरबार
  • श्याम रसोई की विशेष व्यवस्था
  • श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था
  • धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशाल मंडप

उपलब्ध कराया गया है।

श्याम रसोई के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन वितरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम

समिति द्वारा बताया गया है कि महोत्सव में बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवास की व्यवस्था भी की गई है।

आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से पूर्व सूचना देकर अपना स्थान सुरक्षित कराने का आग्रह किया है ताकि सभी आगंतुकों को सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।

यह व्यवस्था धार्मिक आयोजनों में बढ़ती सहभागिता और श्रद्धालुओं की सुविधा के प्रति समिति की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

धार्मिक आयोजनों से बढ़ती है सामाजिक एकता

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा जैसे आयोजन स्थानीय समुदाय को एक मंच पर लाने का कार्य करते हैं। इससे सामाजिक सहभागिता बढ़ती है तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

सिवनी में आयोजित यह महोत्सव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय धार्मिक पर्यटन को भी मिल सकता है बढ़ावा

नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर के स्थापित होने के बाद भविष्य में यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।

धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित पूजा-अर्चना, भजन संध्या एवं धार्मिक आयोजनों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

इस प्रकार के आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रद्धालुओं में दिख रहा विशेष उत्साह

महोत्सव को लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह का वातावरण है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कार्यक्रमों में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं।

विशेष रूप से भजन संध्या, सुंदरकांड पाठ और प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े वैदिक अनुष्ठानों को लेकर लोगों में गहरी श्रद्धा दिखाई दे रही है। आयोजन समिति द्वारा की गई व्यापक तैयारियों ने भी श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया है।

सिवनी के ऑरेंज सिटी कॉलोनी स्थित नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत उदाहरण बनकर उभर रहा है। 15 जून को आयोजित होने वाले विविध धार्मिक अनुष्ठान, सुंदरकांड पाठ और भव्य भजन संध्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन न केवल बाबा श्याम के भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा, बल्कि सिवनी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।