(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शनिवार 21 फरवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शनिवार 21 फरवरी 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 20.4 | 16 | 61 | |
| शाम | 29.2 | 19.2 | 55 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में शनिवार 21 फरवरी 2026 की शाम तक बीते 24 घंटों का तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में दिन के समय तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रात के समय ठंडक अब भी बनी हुई है। फरवरी माह के अंतिम चरण में मौसम का यह मिश्रित स्वरूप किसानों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान का विवरण
पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज तापमान इस प्रकार रहा:
- अधिकतम तापमान: 2 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 8 डिग्री सेल्सियस
- औसत आर्द्रता: 42 प्रतिशत
- हवा की गति: 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा
दिन में तेज धूप और हल्की गर्माहट महसूस की गई, जबकि रात के समय ठंडक बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस प्रकार का तापमान सामान्य श्रेणी में माना जाता है, हालांकि दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
फरवरी के अंतिम चरण में बदलता मौसम
फरवरी का महीना आमतौर पर सर्दी से गर्मी की ओर संक्रमण का समय होता है। इस दौरान तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जाती है। सिवनी जिले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।
पिछले सप्ताह की तुलना में अधिकतम तापमान में लगभग 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रात में अब भी हल्की ठंड बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 3 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
कृषि क्षेत्र पर प्रभाव
सिवनी जिला मुख्यतः कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला क्षेत्र है। गेहूं, चना और सरसों की फसल इस समय पकाव की अवस्था में है।
तापमान में वृद्धि का असर फसलों पर इस प्रकार देखा जा सकता है:
- गेहूं की बालियों के विकास पर प्रभाव
- चना की फसल में नमी की आवश्यकता बढ़ना
- सरसों की कटाई की तैयारी में तेजी
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान अचानक अधिक बढ़ता है तो फसल की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को सिंचाई प्रबंधन और खेत की नमी बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।
जनजीवन पर असर
दिन में बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय बाजारों में हल्की सुस्ती देखी गई। हालांकि सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना बना रहा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दिन और रात के तापमान में अंतर से सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और एलर्जी के मामलों में वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक दृष्टि से स्थिति
जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तापमान में संभावित वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि मार्च माह में तापमान तेजी से बढ़ता है तो जल आपूर्ति और बिजली खपत पर भी प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासनिक स्तर पर इन पहलुओं पर पूर्व तैयारी की जा रही है।
आंकड़ों का विश्लेषण
पिछले पांच वर्षों के फरवरी माह के तापमान आंकड़ों की तुलना करने पर पाया गया कि इस वर्ष अधिकतम तापमान औसत के आसपास है।
- वर्ष 2022: अधिकतम 5°C
- वर्ष 2023: अधिकतम 0°C
- वर्ष 2024: अधिकतम 8°C
- वर्ष 2025: अधिकतम 4°C
- वर्ष 2026: अधिकतम 2°C
यह संकेत देता है कि तापमान में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह की ठंडक अभी भी बनी हुई है, लेकिन दोपहर की धूप अब तेज महसूस होने लगी है।
कई लोगों ने बताया कि फरवरी के अंत में इस प्रकार की गर्माहट सामान्य है, लेकिन यदि मार्च में तापमान तेजी से बढ़ा तो गर्मी का असर जल्दी महसूस होगा।
व्यापारियों के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही ठंडे पेय पदार्थों और गर्मियों से संबंधित वस्तुओं की मांग बढ़ने लगती है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह परिवर्तन मौसमी चक्र का हिस्सा है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने के कारण अब उत्तर भारत और मध्य भारत में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- मार्च के पहले सप्ताह में हल्की गर्मी बढ़ेगी
- वर्षा की संभावना फिलहाल कम है
- रात के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी
आगे क्या संकेत दे रहा मौसम?
आने वाले दिनों में यदि बादल छाए रहते हैं या हल्की वर्षा होती है, तो तापमान में अस्थायी गिरावट संभव है। हालांकि वर्तमान पूर्वानुमान के अनुसार मौसम शुष्क रहने की संभावना अधिक है।
मार्च के मध्य तक अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में गर्मी की शुरुआत अपेक्षाकृत जल्दी मानी जा सकती है।
बदलते मौसम में सावधानियां
विशेषज्ञों ने नागरिकों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- दिन में पर्याप्त पानी का सेवन
- सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनना
- धूप में निकलते समय सिर को ढकना
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना
निष्कर्ष
सिवनी जिले में 21 फरवरी 2026 को बीते 24 घंटों का तापमान सामान्य श्रेणी में दर्ज किया गया है, लेकिन दिन और रात के तापमान में बढ़ता अंतर आने वाले मौसम परिवर्तन का संकेत दे रहा है। कृषि, स्वास्थ्य और जनजीवन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, परंतु मार्च के महीने में तापमान में संभावित वृद्धि को देखते हुए नागरिकों और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी और तैयारी ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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