संता बोला: आज नींद नहीं आएगी… सपना बदला लेने आ रहा है! 😂

जब सपना भी धमकी देने लगे, तब नींद कैसे आए! संता की मासूम दहशत और बंता की सीधी पूछताछ से पैदा हुई लोटपोट हँसी। यह लेख सपनों और देसी डर का ऐसा कॉम्बो है, जो ठहाके पक्के कर देता है।

हँसी तब सबसे ज़्यादा आती है, जब दिमाग नींद में भी ओवरटाइम करने लगे।
और अगर सपना ही रियल लाइफ जैसा लगने लगे, तो समझ लीजिए—कॉमेडी ऑन है!

संता और बंता बैठे थे।
संता अचानक गंभीर होकर बोला—
संता: आज रात मैं नहीं सोऊंगा।
बंता: क्यों?
संता: कल सपने में पठान से लड़ाई हो गई थी।
बंता: तो क्या हुआ?
संता: आज वह बंदे लेकर आएगा… कल धमकी दे गया था!
बंता वहीं बैठा सोच में पड़ गया—सपने अबFIRभी कराने लगे हैं क्या? 😄

संता की यही खासियत है—सपना भी आए तो पूरी प्लानिंग के साथ।
दिमाग बोले—सुरक्षा पहले!

घर में हालात और मजेदार—

पति-पत्नी जोक:
पत्नी: आज जल्दी क्यों सो नहीं रहे?
पति (संता टाइप): सपने में दुश्मन बन गए हैं, रात में मीटिंग होगी।

दोस्तों की महफ़िल में चर्चा—

दोस्त-दोस्त जोक:
दोस्त1: भाई, डर क्यों लग रहा है?
दोस्त2: कल सपना बहुत रियल था, आज नींद फेक लग रही है।

स्कूल की समझदारी भी पीछे रह गई—

टीचर-स्टूडेंट जोक:
टीचर: सपने और हकीकत में फर्क समझते हो?
स्टूडेंट: सर, संता से पूछिए।

ऑफिस में भी असर—

बॉस-कर्मचारी जोक:
बॉस: आज आँखें लाल क्यों हैं?
कर्मचारी: सर, सपनों में ओवरटाइम चल रहा था।

संता-बंता लॉजिक के कुछ अनोखे नियम:

  • सपना आए तो सतर्क रहो
  • धमकी मिले तो अलर्ट बढ़ाओ
  • नींद से पहले रणनीति बनाओ
  • और हँसी आए तो खुलकर हँसो

यही तो देसी हास्य की ताकत है—छोटी सी बात को बड़ा पंच बना देना।
संता का डर मासूम है, और उसी मासूमियत में छिपी है सबसे बड़ी हँसी।

  1. Conclusion (निष्कर्ष)

निष्कर्ष यही है कि कभी-कभी सपने भी ज़्यादा सीरियस हो जाते हैं।
और तब संता जैसा दिमाग कहता है—
आज नहीं सोएंगे,दुश्मन तैयार बैठा है!😂
हँसिए, क्योंकि सपनों की लड़ाई सिर्फ हँसी से ही जीती जाती है!

संता- आज रात मैं नहीं सोऊंगा।

बंता- क्यों?

संता- कल सपने में पठान से लड़ाई हो गई थी।

बंता- तो क्या हुआ?

संता-आज वह बंदे लेकर आएगा,कल धमकी दे गया था।

(साई फीचर्स)