डिग्री हाथ में, लेकिन ऑफिस में एंट्री आज भी अंगूठे से! 😂

माँ-बाप के सपनों से शुरू हुई पढ़ाई, नौकरी तक पहुँची… लेकिन अंत में हाज़िरी लगी अंगूठे से! यह लेख समर्पित है उस महान बायोमेट्रिक मशीन को, जिसने डिग्री और डिग्निटी दोनों बराबर कर दी। ऑफिस लाइफ के देसी दर्द को हँसी में बदलने वाला यह लेख, पढ़ते ही मुस्कान पक्की।

माँ-बाप ने बड़े अरमानों से पढ़ाया।
हमने भी जी-जान से पढ़ाई की।
किताबें घिसीं, नोट्स बनाए, एग्ज़ाम पास किए।
और आखिरकार… नौकरी मिल गई!

लेकिन असली सच्चाई तब सामने आई, जब ऑफिस के गेट पर लिखा था—
“Please Put Your Thumb” 😄
तब समझ आया कि इतनी पढ़ाई का असली रिज़ल्ट यही है— बायोमेट्रिक मशीन!

ऑफिस की इस महान मशीन ने सबको बराबर कर दिया है। CEO हो या चपरासी, सबको एक ही लाइन में लगना है।

बॉस-कर्मचारी जोक:
कर्मचारी: सर, मैं लेट हो गया था।
बॉस: मशीन से पूछो, मुझसे नहीं।
मशीन: रीडिंग फेल…!
कर्मचारी: सर, मशीन भी मेरे खिलाफ है!

घर की हालत भी कम मजेदार नहीं।

पति-पत्नी जोक:
पत्नी: इतनी देर क्यों हो गई?
पति: आज अंगूठा नहीं लग रहा था।
पत्नी: अच्छा हुआ शादी में बायोमेट्रिक नहीं था!

दोस्तों के बीच तो बायोमेट्रिक अब स्टेटस सिंबल बन गया है।

दोस्त-दोस्त जोक:
दोस्त1: भाई, आज कितने बजे पहुंचे?
दोस्त2: 9:01
दोस्त1: फिर तो आधा दिन गया!

स्कूल की यादें भी ताज़ा हो जाती हैं।

टीचर-स्टूडेंट जोक:
टीचर: इतना पढ़-लिखकर क्या बनोगे?
स्टूडेंट: सर, ऐसा कर्मचारी… जो अंगूठा ठीक से लगा सके!

बायोमेट्रिक मशीन के कुछ अनकहे नियम:

  • टाइम से पहले पहुँचो, फिर भी मशीन मूड में न हो
  • टाइम पर पहुँचो, तो उंगली गीली निकल आए
  • लेट हो जाओ, तो मशीन सबसे तेज़ काम करती है
  • छुट्टी का सपना… मशीन देखते ही टूट जाता है

ऑफिस लाइफ में अब पहचान चेहरा नहीं, अंगूठा बन गया है।
डिग्री दीवार पर टंगी है और हाज़िरी मशीन में कैद!

  1. Conclusion (निष्कर्ष)

कुल मिलाकर, आज की नौकरी का सबसे बड़ा एग्ज़ाम है— बायोमेट्रिक टेस्ट
डिग्री चाहे कितनी भी बड़ी हो,
ऑफिस में इज़्ज़त तभी मिलेगीजब अंगूठा सही समय पर लगेगा!😂

माँ बाप ने खूब जतन से पढ़ाया . . …

हमने भी जी जान से पढाई की . . …

फिर भी इतना पढ़ने का क्या फायदा जब . . . . .

आज भी ऑफिस में एंट्री . . .

अंगूठा लगाने पर ही मिलती है . . .

(बायोमेट्रिक मशीन को समर्पित)

(साई फीचर्स)